पटना एम्स में गुरुवार को रिटायर आईएस मनोज कुमार श्रीवास्तव की कोरोना से मौत हो गई। उनके निधन पर आईएएस एसोसिएशन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जितना वे अपने प्रशासनिक कुशलता के लिए याद किए जाते रहे उससे कहीं अधिक जनसरोकारों के लिए उन्हें याद रखा जाएगा।

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पटना एम्स में गुरुवार को रिटायर आईएस मनोज कुमार श्रीवास्तव की कोरोना से मौत हो गई। उनके निधन पर आईएएस एसोसिएशन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जितना वे अपने प्रशासनिक कुशलता के लिए याद किए जाते रहे उससे कहीं अधिक जनसरोकारों के लिए उन्हें याद रखा जाएगा।

योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह ने समेकित ग्रामीण विकास की योजना में मनोज श्रीवास्तव के योगदान की प्रशंसा की थी। बिहार में यूनिसेफ के साथ बिहार शिक्षा परियोजना की परिकल्पना को वास्तविक धरातल पर साकार करने का श्रेय इन्हें ही जाता है। वर्ष 2009 में वे पहले व्यक्ति थे जिन्हें जमशेदजी टाटा फेलोशिप मिली थी, जिसके अंतर्गत लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से प्रो पूअर गवर्नेस इन इंडिया पर अपना शोध पूरा किया। उनके द्वारा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय जर्नलों में सौ से भी अधिक पेपर लिखे गए थे। उनकी पुस्तक सीइंग द स्टेट-गवर्नेस एंड गवर्नमेंटलिटि इन इंडिया प्रशासनिक क्षेत्र में आज भी किसी टेस्ट बुक की तरह स्वीकार की जाती है। ‘बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, तुम्हीं सो गए दास्ता कहते-कहते’ इस शेर के जरिए भी आईएएस एसोसिएशन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

कुशल प्रशासक थे मनोज श्रीवास्तव : CM नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार कैडर के 1980 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस मनोज कुमार श्रीवास्तव के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मनोज कुमार श्रीवास्तव ने राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर रहते हुए निष्ठापूर्वक अपनी सवाएं दी थीं। वे एक कुशल प्रशासक एवं संवेदनशील पदाधिकारी थे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।