पटना, । हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के इलाज पर आने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। सात निश्चय-2 के तहत मंजूर की गई ‘बाल हृदय योजना’ जनवरी महीने से शुरू हो जाएगी।

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पटना, । हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के इलाज पर आने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। सात निश्चय-2 के तहत मंजूर की गई ‘बाल हृदय योजना’ जनवरी महीने से शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया है। फिलहाल अहमदाबाद के दो बड़े अस्पतालों से करार करने को लेकर विभाग विचार-मंथन में जुटा है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि जनवरी से बाल हृदय योजना लागू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। पटना में आइजीआइएमएस में योजना के तहत बच्चों का इलाज होगा। स्वास्थ्य विभाग अहमदाबाद में भी बच्चों को इलाज की सुविधा देने पर काम कर रहा है। जल्द ही इस बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार हुई योजना

राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर बाल हृदय योजना को सात निश्चय-2 में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जन्म के वक्त जिन बच्चों के हृदय में छेद होता है वैसे बच्चों के अभिभावकों को काफी आर्थिक संकटों का सामना करना होता है। इन्हें राहत देने के लिए योजना शुरू की गई है।
पटना के साथ अहमदाबाद में भी होगा इलाज

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी से योजना प्रभावी होने के बाद पहले बच्चों का इलाज इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आजीआइएमएस) में होगा। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों का इलाज करेगी। पटना के अलावा अहमदाबाद के भी दो बड़े हृदय रोग अस्पतालों से इलाज के लिए सरकार बात कर रही है। सूत्रों की मानें तो यह अस्पताल हैं सीआइएमएस अहमदाबाद और श्री सत्य साईं हॉस्पिटल अहमदबाद। बात बनने पर राज्य सरकार इन अस्पतालों से करार करेगी।
जिले में होगी स्क्रीनिंग कमेटी, करेगी बच्चों की जांच

योजना के तहत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों की पहचान के लिए जिलास्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी होगी। जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा अन्य अफसर भी होंगे। स्क्रीनिंग अपनी अनुशंसा स्वास्थ्य विभाग को भेजेगी। जहां से बच्चों को इलाज के लिए आइजीआइएमएस या फिर अहमदाबार रेफर किया जाएगा। स्क्रीनिंग से लेकर इलाज पर आने वाला पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए अलग से फंड की भी व्यवस्था होगी। सूत्रों की माने तो बाल हृदय योजना सात निश्चय-2 की वैसी योजना होगी जो प्रदेश में सबसे पहले लागू होगी।