पटना, Bihar Chunaav 2020: बिहार के लिए यह लगातार तीसरा चुनाव है, जिसमें स्टार प्रचारकों की सूची में नाम रहने के बावजूद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने नहीं आईं

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पटना, Bihar Chunaav 2020: बिहार के लिए यह लगातार तीसरा चुनाव है, जिसमें स्टार प्रचारकों की सूची में नाम रहने के बावजूद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने नहीं आईं। हालांकि उन स्टार प्रचारकों की लंबी फेहरिश्त है, जिनके नाम सूची में हैं, फिर भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाते हैं। ऐसे लोगों का मामला अलग है। असल में उम्मीदवारों के बीच इनकी मांग नहीं रहती है। लेकिन, प्रियंका के मामला में ऐसा नहीं है। कांग्रेसियों को उम्‍मीद थी कि अगर वह प्रचार के लिए आतीं तो बिहार के लोगों पर अच्‍छा प्रभाव पड़ता।
उत्‍साहित थे कांग्रेसी, हाथ लगी निराशा
राज्य के कांग्रेसी 2015 के विधानसभा चुनाव के समय से ही प्रियंका गांधी को चुनाव में प्रचार के लिए बुलाने का आग्रह केंद्रीय नेतृत्व से कर रहे हैं। उस चुनाव के लिए भी स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम शामिल था। वह नहीं आईं। सूची में नाम देखकर कांग्रेसी बेहद उत्साहित थे। कई उम्मीदवारों ने उन्हें अपने क्षेत्र में बुलाने की योजना भी बना ली थी। कांग्रेस के लिए 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार वह किसी गठबंधन में अधिकतम 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इससे पहले वह अकेले में सभी सीटों पर गठबंधन में कम सीटों पर चुनाव लड़ती रही है।
लोस चुनाव में भी नहीं आईं
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी बेहद सक्रिय थीं। उनकी सक्रियता उत्तर प्रदेश में अधिक थी। राज्य के कई संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हैं। इसलिए उम्मीद जाहिर की जा रही थी कि वह बिहार आएंगी। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस उम्मीदवारों ने प्रियंका को बिहार आने का न्यौता दिया था। प्रियंका क्यों नहीं आईं? इस सवाल पर कांग्रेस के नेता चुप्पी साध लेते हैं। हालांकि प्रियंका के चुनाव प्रचार न करने का लाभ यह मिला कि एनडीए के नेताओं ने राबर्ट वाड्रा के कथित भ्रष्टाचार की चर्चा नहीं की।
सोनिया पहली बार अलग रहीं
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पहली बार बिहार के किसी चुनाव में शामिल नहीं हुईं। मार्च 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद वह हरेक लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बिहार आईं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनावी सभाओं को संबोधित किया। स्वास्थ्य कारणों से वह विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए नहीं आईं। चुनाव की तैयारी के सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उम्मीदवारों के चयन में भी उन्होंने दिलचस्पी दिखाई। उनकी सहमति से ही उम्मीदवारों के नाम तय किए गए।
राहुल ने संभाला मोर्चा
सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रचार में न आने की भरपाई पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने की। वे चार बार बिहार आए। कुल आठ सभाएं कीं। कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नवी आजाद का भी नाम था। ये दोनों नहीं आए। बताया गया कि खराब सेहत की वजह से आजाद नहीं आए। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह भी स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से नहीं आए। वैसे, भी डाॅ. सिंह चुनावी सभाओं में कम ही आते रहे हैं।(UNA)