पश्चिम बंगाल में बामसेफ का अधिवेशन सम्पन हुआ

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बामसेफ प्रथम पश्चिम बंगाल राज्य अधिवेशन दिनांक 15 सितम्बर,2019 को कोलकाता मे आयोजित किया गया।उदघाटन सत्र मे मुख्य अथिति डा.प्रकाश बिश्वास,प्रो.जादवपुर युनिवर्सिटी ने संवैधानिक अधिकारों एवं मुलनिवासी एकता से ही बहुआयामी विकास सम्भव पर अपना विचार दिया।वहीं विशिष्ट अथिति किशोर कु.बिशवास,डिप्टी मजिस्ट्रेट सह डिप्टी कलेक्टर,हल्दिया अपनी बात रखते हुये मुलनिवासी एकता की बात कही।मा.आशा सिंह ने संविधान मे दी गई महिलायों की अधिकारों पर चर्चा किया एवं संगठन मे महिलायों की भी सहभागिता अधिक से अधिक हो इस पर जोर दिया। इस सत्र की अध्यक्षता डा.राजीव कुमार ने किया।उन्होने कहा की हमारे लोगो को संवैधानिक अधिकारों के बारे मे पता ही नही है,हम प्रबुद्ध लोगो को इन अधिकारों की जानकारी उन तक पहूंचाना चाहिए।अभी संविधान पुर्णरूप से लागू भी नहीं हुआ है की उसे खत्म करने का षड्यंत्र ब्रहमणवादी ताकते द्वारा किया जा रहा है,हमे इसे रोकना होगा।अधिवेशन के प्रबोधन सत्र-1का संचालन मा.रामजीत राम प्रदेश महासचिव बामसेफ ने किया,इस सत्र के मुख्य वक्ता मा.एस.के.सुमन ने शोषक एवं शोषित वर्ग के बीच संघर्ष होने के बावजूद भी अपेक्षित बदलाव नही होना-परिवर्तनवादी अन्दोलन के सामने चुनौती पर अपने विचार रखते हुये कहा की हमे अपनी मुलनिवासी संसकृति को स्थापित करना चाहिए एवं आरक्षण के माध्यम से लोग नौकरियों में जाने के बाद के बाद समाज को भुल जाते हैं उन्हे आज डरकर छुपने के  बजाय उभरकर सामने आकर समाज को जागृत करना चाहिए।अन्य वक्ता मा.प्रेम बहादुर माझी और डा.कार्तिक चौधरी ने भी अपना विचार रखा।इस सत्र की अध्यक्षता मा.एस.सी दास,CEC Member ने किया।अन्तिम सत्र का संचालन प्रो.ललित कुमार ने किया।इस सत्र मे डा.मिलन बिसवास,प्रदेश अध्यक्ष बामसेफ ने कहा की बहुत जल्द हम बंगाल के सभी जिलों मे इकाई गठन कर बंगाल मे मजबूत संगठन खडा करेंगे।वहीं डा.अफसर अली ने विषय-समतावादी अन्दोलन मे सभ्यता संघ की भुमिका पर अपना वक्तव्य दिया।मा.हरे राम कुशवाहा बंगाल प्रभारी ने अपने अध्यक्षीय भाषन मे बामसेफ संगठन के अवधारणा को स्पष्ट किया एवं कार्यक्रम को सफल करने के लिए बिनोद जी,शशिकान्त जी,अभिलाष जी,दिलिप,सनी एवं सभी कार्यकर्तायों का सरहाना किया अन्त मे मुलनिवासी संघ के प्रदेश सचिव मा.शंकर दास ने अधिवेशन मे सम्मिलित हुए  अथितियों एवं प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।