पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं:एसएसपी

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नए साल में एक जनवरी से 11 फरवरी तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोलीबारी कर 19 हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें से अधिसंख्य मामलों में अपराधी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। सबसे अधिक हत्याएं भूमि विवाद और अवैध संबंध में हुई हैं

पटना,15 फरवरी। अपनी दो बेटियों को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे प्रोपर्टी डीलर की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे दीघा थाना इलाके में हुई। दीघा के पाटीपुल के रहने वाला सुबोध कुमार अपनी बेटी अंजलि और ज्योति को संत माइकल के पास स्थित हार्टमन बालिका उच्च विघालय नामक एक निजी स्कूल में छोड़कर घर लौट रहा था। इस बीच उसे परिचित मिल गया और जमीन दिखाने के बहाने
दीघा पंचवटी कॉलोनी के सामने फोरलेन पर जाने को कहा। सुबोध जैसे ही पेपर बोर्ड कॉलोनी के सामने पहुंचा, पीछे बैठे साथी ने प्रॉपर्टी डीलर सुबोध कुमार (36)की दाहिनी कनपटी में गोली मार दी और इस खूनी वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गये।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुबोध को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसने दम तोड़ दिया। दीघा थानेदार मनोज कुमार ने कहा, कोई परिचित उसे बुलाकर ले गया था। पिता शंभू राय के बयान पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सुबोध की पत्नी बिंदु देवी ने रोते हुए बताया, दो फरवरी को 4-5 लोग उसके घर आए थे और पति को जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे। हालांकि, सुबोध ने इसकी शिकायत थाने में नहीं की थी। थानेदार ने कहा, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पाटीपुल के ही रहने वाले हैं। सुबोध को दाईं कनपटी में सटाकर गोली मारी गई और गोली अंदर जाने के बाद फंस गई थी, जिसे पीएमसीएच के डॉक्टरों ने ऑपरेट कर निकाला। शाम को उसने दम तोड़ दिया।

गोली लगने के बाद प्रॉपर्टी डीलर सुबोध सड़क पर ही तड़प रहे थे। तभी उस इलाके से गुजर रहे एक राहगीर ने पुलिस को खबर दी। इसके बाद ऑटो से सुबोध को पाटलिपुत्र स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया।
वहां से उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। प्रथम दृष्टया जमीन के विवाद को लेकर हत्या करने की बात सामने आ रही है। सुबोध दीघा पाटीपुल स्थित फ्लावर मिल के समीप अपने परिवार के साथ रहते थे। घटना दीघा थाना इलाके में हुई थी लिहाजा बाद में उन्होंने वहां की पुलिस को खबर दी। एसएसपी उपेंद्र शर्मा के मुताबिक पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

सुबोध की पत्नी बिंदु देवी ने बताया कि सुबह सात बजकर 40 मिनट पर वे बेटियों को लेकर कुर्जी के समीप स्थित स्कूल छोड़ने के लिये निकले थे। इसके बाद उन्हें वापस घर आना था। इस बीच वे फोरलेन पर कैसे चले गये, किसी को नहीं मालूम। दूसरी ओर पुलिस इस पहलू पर तफ्तीश कर रही है कि अपराधी प्रॉपर्टी डीलर की रेकी कर रहे थे या उन्होंने फोन कर उन्हें बुलाया था। सूत्रों की मानें तो अब तक की तफ्तीश में यह बात सामने आयी है कि किसी ने सुबह के वक्त ही फोन कर सुबोध को बुलाया फिर गोली मार दी। अपराधियों को पता था कि सुबोध हर रोज सुबह के वक्त अपनी बेटियों अंजलि और ज्योति को स्कूल छोड़ने निकलते थे। लिहाजा सुबह के वक्त ही अपराधियों ने खूनी साजिश रच डाली।

पुलिस ने सुबोध के मोबाइल को जब्त कर लिया है। मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आखिरी बार सुबोध की बात किससे हुई इस पहलू पर छानबीन जारी है।

पीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती सुबोध की मौत की खबर जैसे ही इमरजेंसी वार्ड के बाहर आयी उनकी पत्नी बिंदु देवी बेहोश हो गयी। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह बिंदु को संभाल रहे थे। उसी जगह खड़े सुबोध के पिता शंभू राय ने आपा खो दिया। मां की हालत भी खराब हो गयी। अस्पताल के बाहर पूरे परिवार की करुण चित्कार सुन माहौल गमगीन हो गया। सुबोध दो बेटियों अंजली, ज्योती और दो बेटों आदित्य व अजय के पिता थे। पिता की मौत के बाद बच्चों की हालत भी खराब थी

आलोक कुमार