पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी लगाने के पक्ष में नहीं हैं राज्य, दो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स बनाए गए

0
16


New Delhi; वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक लखनऊ में शुरू हो गई है। इसमें चार दर्जन से अधिक वस्तुओं पर टैक्स दर की समीक्षा हो सकती है। इसमें कोविड-19 से संबंधित 11 दवाओं पर टैक्स छूट को 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ाने का फैसला भी हो सकता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी काउंसिल) की महत्वपूर्ण बैठक में काउंसिल पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर चर्चा हो सकती है। 
साथ ही राज्यों के राजस्व नुकसान पर जीएसटी मुआवजे के विकल्पों पर विचार-विमर्श के अलावा खाद्य आपूर्ति से जुड़ी सेवाओं पर टैक्स लगाने, कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दरें बढ़ाने व कुछेक पर घटाने का फैसला भी हो सकता है। 
वहीं कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामानों पर रियायतें 31 दिसंबर तक बढ़ाई जा सकती हैं। इसके अलावा कैंसर से जुड़ी दवाओं पर टैक्स को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को अधिकारियों की बैठक में एजेंडे पर चर्चा हुई। 
सूत्रों ने बताया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतें केंद्र व राज्य सरकारों के लिए चिंता का विषय हैं। केंद्र सरकार काफी समय से पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने की वकालत करती रही है। पर, पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट लगाकर राज्य काफी कमाई करते हैं, जिससे सहमति नहीं बन पा रही है। लेकिन, इस बार की बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए कोई फार्मूला तय कर सहमति बनाने का प्रयास हो सकता है। हालांकि, इस पर सहमति बन पाएगी, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है।
होटल-रेस्टोरेंट से खाना मंगाना हो सकता है महंगा
सूत्रों के मुताबिक जीएसटी काउंसिल फूड डिलीवरी एप आधारित सेवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा सकती है। होटल व रेस्टोरेंट पर लगने वाले जीएसटी से यह अलग हो सकता है। इससे एप के जरिए खाना मंगाना महंगा हो जाएगा। 
पेन पर बढ़ सकती है और बायोडीजल पर घट सकती है जीएसटी
सूत्रों की मानें तो सरकार पेन पर जीएसटी की दरें बढ़ा कर 12 से 18 प्रतिशत कर सकती है। वहीं बायोडीजल पर जीएसटी मौजूदा 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की जा सकती है। इसके अलावा तंबाकू से बने उत्पादों पर कैपिसिटी बेस्ड लेवी लगाने पर भी विचार हो सकता है। 
खन्ना प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे, योगी दोपहर के भोज की करेंगे मेजबानी
बैठक में वित्त मंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अतिरिक्त कई राज्यों के उप मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काउंसिल के सदस्यों के लिए दोपहर के भोज की मेजबानी करेंगे।