प्रसिद्ध पत्रकार विनोद दुआ का निधन

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4 दिसंबर नई दिल्ली
67 वर्षीय पत्रकार विनोद दुआ का आज निधन हो गया। पिछले कई दिनों से उनकी मौत की अफवाहों को आज विराम लग गया जब उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट से बताया कि उनके पिता का निधन हो गया है। कोरोना की दूसरे लहर की चपेट में पूरा दुआ परिवार आ गया था, जिसमें उनकी पत्नी का निधन 12 जून को हो गया था। विनोद दुआ कोरोना से उबर तो आए थे लेकिन तबीयत नाजुक ही बनी रही। पिछले दो हफ्तों की जद्दोजहद में आखिर मौत जीत गई। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी रोड श्मशान गृह में होगा।

दिल्ली में जन्मे विनोद दुआ की पत्रकारिता दूरदर्शन से हुई जो बाद में एनडीटीवी में भी काम किया। साल 1996 में वे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार थे, उन्हें रामनाथ गोयनका अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें 2008 में पत्रकारिता के लिए पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। जून 2017 में, पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी जीवन भर की उपलब्धि के लिए, मुंबई प्रेस क्लब ने उन्हें रेडइंक पुरस्कार से सम्मानित किया था।

विनोद दुआ सच के लिए साहस के साथ लड़ने के लिए जाने जाएंगे। उन्होंने सत्ता के सामने कभी झुकना मंजूर नहीं किया और हमेशा सत्य के साथ खड़े रहे। शायद यही वजह है कि मौजूदा मोदी सरकार ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया। लेकिन दुआ ने उसका भी डटकर मुकाबला किया और अंत में सुप्रीम कोर्ट से विजय हासिल की। और इस तरह से पत्रकारिता की आने वाली पीढ़ी के सामने कलम से लेकर कोर्ट तक लड़ने की मिसाल पेश की। दुआ ने पत्रकारिता की एक पूरी विरासत छोड़ रखी है। इलेक्ट्रानिक मीडिया के वह उन चंद पत्रकारों में शामिल थे जिन्होंने भारत में उसे एक पहचान दी। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

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