फर्जी सीबीआई अधिकारी नोआपाड़ा से गिरफ्तार

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कोलकाता: फर्जी वैक्सीनेशन कांड के आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी देवांजन देब की गिरफ्तारी के बाद से एक के बाद एक फर्जी अधिकारियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है. कोई ईडी अधिकारी बनकर, तो कोई सीबीआई अधिकारी बनकर लोगोें से ठगी कर रहा था. यहां तक कि एनआईए और पुलिस अधिकारी बनकर भी ठगों ने लोगों को चूना लगाया. रविवार की रात एक और फर्जी सीबीआई अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार किये गये इस फर्जी सीबीआई अफसर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में नौकरी दिलाने के नाम पर एक वकील से 40 लाख रुपये ठगने का आरोप है. बरानगर थाना की पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी कृषाणु मंडल को नोआपाड़ा से गिरफ्तार किया है. पीड़ित कृष्ण मंडल सियालदह कोर्ट में वकील है. काम के सिलसिले में उसका परिचय कृषाणु से हुआ था.
कथित तौर पर कृषाणु ने उसे सीबीआई अधिकारी की नौकरी दिलाने की पेशकश की थी. आरोप है कि उसने वकील से नौकरी दिलाने के नाम 40 लाख रुपये लिये थे. पुलिस ने बताया कि ठगे गये व्यक्ति की पत्नी भी वकील है. पैसे का भुगतान करने के कुछ दिनों बाद वकील दंपती को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है.
इसके बाद उन लोगों ने कृषाणु के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया. जांच-पड़ताल के दौरान दंपती को मालूम हुआ कि कृषाणु एक ठग है. फर्जी अधिकारी बनकर उसने उनके साथ ठगी की है. इसके बाद कृष्ण मंडल ने थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने रविवार की रात को कृषाणु मंडल को नोआपाड़ा से गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस का कहना है कि हाल के वर्षों में धोखाधड़ी की घटनाओं में इजाफा हुआ है. इससे पहले सीबीआई के एक फर्जी अधिकारी द्वारा धोखाधड़ी के प्रयास के आरोप सामने आये थे. सीबीआई अधिकारी बनकर कसबा से एक कारोबारी का अपहरण किया गया था. उस पर धोखाधड़ी के भी कई आरोप लगे थे. उस मामले की फिलहाल सीआईडी ​​जांच कर रही है.
सबसे पहले विधाननगर कमिश्नरेट की पुलिस ने जांच शुरू की थी. पुलिस अधिकारी का कहना है कि जब से राज्य में चिटफंड मामले की जांच शुरू हुई है, तब से जालसाजों ने ईडी और सीबीआई अधिकारियों के नाम से अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है. ईडी-सीबीआई इन मामलों की जांच में ज्यादा सक्रिय हो गयी है. कुछ दिन पहले सीबीआई के फर्जी वकील सनातन रॉय चौधरी और चंदन रॉय को भी गिरफ्तार किया गया था.