बढ़ती भुखमरी व बीमारी पर रोक लगाने की व्यवस्था करे सरकार

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लाॅकडाउन के दौरान छात्र- नौजवानों के बढ़ते संकट के सवाल पर राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मुजफ्फरपुर में भी छात्र संगठन आइसा और नौजवान सभा(इनौस) के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों व मुहल्लों में मांगों के पोस्टर के साथ धरना दिया। इस दौरान देश के विभिन्न शहरों में फंसे छात्र-छात्राओं, नौजवानों व मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की मांग सरकार से की  गई। यह भी मांग की गई। यह मांग की गई कि लाॅकडाउन के दौरान आंदोलनकारी छात्र-नौजवान कार्यकर्ताओं को परेशान करने तथा निशाना बनाने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग उठायी कि इलाज के दौरान  चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की सरकार गारंटी करे जिसके अभाव में उनकी भी जिन्दगी खतरे में पड़ गई है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में फंसे हजारो छात्र- नौजवान व मजदूर भुखमरी के साथ बीमारी के शिकार हैं। सरकार के द्वारा उनको भूख व बीमारी से बचाने की कोशिश नाकाफी है। सरकार उनके लिए पर्याप्त भोजन, बेहतर इलाज व फिलहाल 10हजार रूपये देने की गारंटी करे।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव राहुल कुमार सिंह, अध्यक्ष विवेक कुमार, अशोक कुमार, परशुराम, सलमान व नागेन्द्र कुमार राय, आइसा के विवेक रंजन, विकास, संतोष, शुभम, साक्षी श्री, सोनू व सन्नी सहित अन्य छात्र-नौजवानों ने धरना दिया। इस दौरान लाॅकडाउन का पालन करते हुए परस्पर शारीरिक दूरी बना कर रखी गई।
आइसा व इनौस के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान दिल्ली व अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र नेता मिरान, सफूरा और उमर खालिद पर से यूएपीए केस वापस लेने की मांग की गई। गिरफ्तार देश के चर्चित बुद्धिजीवी आनंद तेलतुम्बडे और गौतम नवलखा तथा सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को रिहा करने की भी मांग उठायी गई।