बिरसा मुण्डा के ऐतिहासिक लड़ाई के “उलगुलान दिवस” पर विशाल आक्रोश सभा

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झारखंड ब्यूरो,
9 जनवरी 22,

झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत मुरहू प्रखंड का डोंबारी बुरू, जहां आज से ठीक 118 साल पहले 9 जनवरी 1900 को ब्रिटिश सेना-पुलिस और बिरसा मुंडा के आंदोलनकारियों बीच जंग छिड़ी थी, आज इस दिवस को “उलगुलन दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन को याद करते हुए आज दिनांक 9 जनवरी 2022 को माझी परगना महाल और विभिन्न ग्राम सभाओं के संयुक्त तत्वाधान में जमशेदपुर प्रखंड के एमजीएम थाना अंतर्गत एन एच से सटे पाॅच पंचायतों के ग्राम वासियों का बिरसा मुण्डा के ऐतिहासिक लङाई के उलगुलान दिवस के अवसर पर हैवी व्हीकल ट्रेनिंग सेन्टर के खिलाफ जनान्दोलन के तहत विशाल जन आक्रोश सभा का आयोजन नारगा फुटबाल मैदान में कोविड के गाइडलाइन का पालन करते हुए किया गया.

उल्लेखनीय है कि पिछले भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2015 को एन एच से सटे काशीडीह ग्राम मे केन्द्र सरकार और झारखंड सरकार के फंड से हैवी व्हीकल ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित करने की योजना जबरन ग्राम सभा की सहमति के बिना थोपने की कोशिश हुइ थी, जिसके खिलाफ काशीडीह ग्राम सभा के लोग लगातार आन्दोलन करते आ रहे हैं। कार्यक्रम में सबसे पहले धाड़ दिशोम के देश परगना बैजू मुर्मू और आसनबनी तोरोप परगना हरिपदो मुर्मू ने उलगुलान के नायक बिरसा मुंडा फोटो पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से 70 गांव के ग्राम प्रधान एवं गांव के प्रतिनिधियों के अलावे सामाजिक राजनीतिक संगठनों के लोग उपस्थित थे. इस सभा में लोक कलाकार मनोरंजन महतो ने जल जंगल जमीन को बचाने वाले झूमर संगीत प्रस्तुत किया.

आज के महासभा में निम्न मांग किया है
1. काशीडीह ग्राम सभा के बिना अनुमति ( ग्रामसभा) से जबरन बन रहे हैवी व्हीकल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य अविलंब बंद हो और रद्द हो।
2. सरकार ग्राम सभा का उल्लघंन करना बंद करें ।
3. 5वी अनुसूची क्षेत्रों में नगर निगम, नगर पालिका का गठन अवैध है इसे अविलंब रद्द करें।
4. 5 वी अनुसूची क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नहीं कराया जाय, ग्राम सभा को सशक्त कर 6वा सेड्यूल के तर्ज पर विकास के लिए नियमावली बनें ।
5. झारखंड में अंतिम सर्वे सेटलमेंट के आधार पर स्थानीयता नीति व नियोजन नीति बने ।
6. संथाली भाषा 8वी अनुसूची में शामिल हैं इसे झारखंड में हिन्दी के साथ प्रथम राज भाषा का दर्जा दिया जाए।
7. ” लैंड पुल” कानून के तहत CNT/SPT कानून का उल्लघंन हो रहा है तथा लैंड बैंक के नाम पर ग्राम सभा के संयुक्त सर्वजनिक जमीनों का ग़लत उपयोग किया जा रहा है ग्रामीणों से ज़मीन छीना जा रहा है, लैंड पुल एवं लैंड बैंक दोनों को निरस्त करें।
8. JSSC नियुक्ति में क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल मगही, अंगिका भोजपुरी आदि को अविलंब हटाये ।
9. झारखंड राज्य की विकास में आदिवासी समाज की अहम भूमिका हो इसके लिए TAC (ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल) में आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के 50 % प्रतिशत अगुवाओं को शामिल करें।
10. झारखंडी पारंपरिक धरोहर वैदिक संपदा को झारखंड झारखंड सरकार सुरक्षा दें।
11. भारतीय संविधान के संवैधानिक प्रावधान अंतर्गत 5 वी अनुसूची क्षेत्र में शक्ति अधिकार लागू करें।
12. सरकार आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड अंकित करें।
13. भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून 2018 को अविलंब रद्द करें।

बिश्वनाथ महतो की रिपोर्ट