बिहार के कैमूर जिला अंतर्गत चांद में प्रमुख पुत्र पिता केआदर्श पर लहरायाा परचम ग्रामीण इनकेे कार्यों को करतेे व्याख्यान

0
19
(कैमूर ब्यूरो चीफ )राम नारायण सिंह
  स्वर्गीय पिता कमला सिंह एवं माता गंगोत्री कुवर के विरासत को सवार एवं संजोकर चलते हैं  बिहार के कैमूर जिला अंतर्गत चांद प्रखंड के बिउरी गांव निवासी प्रमुख पुत्र युवा समाजसेवी राधेश्याम सिंह । पंचायत एवं प्रखंड की सत्ता समाजिक कार्यों के कारण इस परिवार में पूर्व से रहा है। जो आज भी ग्राम  पंचायत प्रखंड स्तर एवं जिला स्तर पर लोगों के दुख दर्द पीड़ा में शामिल होकर एवं सामाजिक सोचो से कार्यों को करते है। बता दें कि राधेश्याम सिंह के पिता स्वर्गीय कमला सिंह का सामाजिक सोच जन सेवा भावना ने प्रथम चुनाव मुखिया पद पर सम्मानित क्षेत्र की जनता ने किया था। दूसरा चुनाव बीडीसी से जीतकर प्रमुख की कुर्सी तक हासिल किया था।जो लोगों के बीच हमेशा लोकप्रिय रहा करते थे। यही नही इनकी मां गंगोत्री कुवर महिला सीट होने के कारण 2010 में प्रमुख की कुर्सी पर विराजमान रही। बता दें कि 25 वर्ष तक प्रमुख की कुर्सी पर निर्विरोध चुनाव जीतकर लोगों को सेवा करते रहे ।जबकि माता भी प्रमुख की कुर्सी पर निर्विरोध रह कर जनता की सेवा की। 2001 में पिता की देहांत होने के बाद युवा समाजसेवी राधेश्याम सिंह के पत्नी सुनीता देवी को मुखिया पद पर ग्रामीणों ने काफी वोट देकर सम्मानित किया। जो राधेश्याम सिंह अपने पिता के मान सम्मान एवं उनकी ईमानदारी एवं निष्ठा पर खराआज भी उतरते हैं ।पंचायत प्रखंड की जनता इन्हें खूब सम्मान देती है। जबकि प्रमुख पुत्र राधेश्याम सिंह बीडीसी चांद भाग 1 से चुनाव जीतकर समाज के सेवा में लगे रहते ‌हैं ।एक सवाल के जवाब में राधेश्याम सिंह ने कहा कि मैं अपने माता-पिता के सम्मान में किसी प्रकार का आंच नहीं आने दूंगा जनता के सेवा में अपने किसानी से आने वाले आय से समाज के लोगों के बीच खड़ा रहते हैं। मैं सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से धरातल पर उतारता हूं।  कार्यों की गुणवत्ता मैं कोई समझौता नहीं करता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के सात निश्चय के साथ अन्य योजनाओं का धरातल पर जिम वारी के साथ कार्यों करता हूं। जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का  निजात मिलती है । प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इनकी कार्यों की गुणवत्ता का व्याख्यान अगर किया जाए तो कहीं से कम नहीं मिलेगा आज भी पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए लगाए गए पौधे सड़कों के किनारों गांव ,प्रखंड ,पंचायत ,जिला ,का शोभा बढ़ाते हुए पर्यावरण में सहायक साबित हो रहे हैं ।उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि वृक्ष रोपण का जो भी राशि सरकार द्वारा पंचायत को प्राप्त हुआ था। उसको इमानदारी से खर्च किया गया। उस राशि के वृक्षारोपण आज पौधा पेड़ बनकर दिख रहा है ।पंचायत के द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं से एक तरफ गांव की विकास तो दूसरी तरफ लोगों को इमानदारी से रोजगार भी देने में प्रमुख पुत्र राधेश्याम सिंह के महत्वपूर्ण योगदान रहता हैं। इनकी कार्यों की सराहना गांव पंचायत के अलावे प्रखंड के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। और इनके कार्यकलापों से लोग प्रेरणा भी लेते हैं।