बिहार के दैनिक मजदूरों को दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर कर दिए

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पटना,07 फरवरी। पटना नगर निगम स्टाफ यूनियन के नेताओं का कहना है कि सरकार की अकर्मण्यता के शिकार राजधानी के लोग हो रहे हैं। सरकार ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए ही 31 जनवरी 2020 से पूरे बिहार के दैनिक मजदूरों को दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर कर दिए। उसमें पटना नगर निगम के 4500 दैनिक मजदूर हैं। एक साथ ककंड़बाग अंचल के 12 सफाई निरीक्षकों को निलम्बित कर दिया गया है।इसके पहले पटना सिटी अंचल अंतर्गत वार्ड संख्या 67 के सफाई निरीक्षक आशानंद पांडेय, वार्ड संख्या 68 के सफाई निरीक्षक बिन्देश्वरी पासवान एवं वार्ड 69 के सफाई निरीक्षक प्रदीप कुमार ड्यूटी से नदारद रहे। आदेश का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पांचवें दिन संगीन के साये में आउटसोसिंग के  मजदूरों के द्वारा सफाई करायी जा रही है।

पटना नगर निगम स्टाफ यूनियन के नेताओं का कहना है कि हमलोगों ने हड़ताल का आह्वान नहीं किया है।जिन्हें 31 जनवरी 2020 से  हटा दिया गया है, वैसे दैनिक मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद नगर निगम विभाग की आंख खुली तो दैनिक मजदूरों को हटाने की तिथि को बढ़ा कर 30 अप्रैल कर दी है।

प्रशासनिक आदेश को ठेंगा कर हड़ताल पटना नगर निगम में दैनिक मजदूरों की चल रही है।कई दिनों से लगातार हड़ताल के कारण पटना में गंदगी का अंबार लग गया है। हड़ताल के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर विभिन्न टीमों का गठन कर सफाई अभियान चलाया जा रहा है।इस संबंध में सभी सफाई निरीक्षकों को 5 फ़रवरी को कार्यपालक पदाधिकारी एवं प्रभारी पदाधिकारी (सफाई) के निर्देशन में अंचल में सफाई का कार्य संपन्न कराने का निर्देश दिया गया था।

वहीं पटना नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान के दौरान बाधा पहुंचाने के आरोप में आलमगंज थाना, बहादुरपुर थाना एवं सचिवालय थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बता दें कि 5 फरवरी को अजीमाबाद अंचल कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर असामाजिक तत्वों द्वारा नगर प्रबंधक प्रकाश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक संजीव कुमार एवं अन्य सफाई निरीक्षकों को बंधक बना लिया गया था।

वहीं बांकीपुर अंचल के वाहनों जैसे ऑटो टिपर, जेसीबी एवं बॉब कैट आदि मशीनों को भी क्षति पहुंचाई गई थी। वहीं, नूतन राजधानी अंचल में भी सफाई अभियान में बाधा डालने की कोशिश की गई। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संबंधित थानों में पटना नगर निगम द्वारा शिकायत की गई।

पटना नगर निगम द्वारा दो विशेष टीमों का गठन कर विभिन्न इलाकों की साफ-सफाई कराई गई। प्रत्येक टीम द्वारा तीन-तीन स्वीपिंग मशीनों से मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास, राज्यपाल आवास, सचिवालय, बोरिंग रोड चौराहा, श्रीकृष्णपुरी, सहदेव महतो मार्ग, फ्रेजर रोड क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बहाल की गई. सभी टीमों को 24 घंटे निकाय क्षेत्र में काम करते रहने का आदेश दिया गया है।

आलोक कुमार