बिहार विधानसभा चुनाव में नतीजों के बाद बहुमत से पीछे रहने के बावजूद महागठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में जुटी हुई है

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बिहार विधानसभा चुनाव में नतीजों के बाद बहुमत से पीछे रहने के बावजूद महागठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में जुटी हुई है और जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह के साथ अपराध से राजनीति में आकर पहली बार दानापुर से MLA बने रीतलाल यादव को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। तेजस्वी ने “महागठबंधन सरकार” के जुगाड़ के लिए जो टास्क फोर्स बनाई है, उसमें मनी और पॉलिटिक्स के हिसाब से भी काम दिया गया है। तीनों तरह के लोग इस मुहिम में जुट गए हैं। विरोधी दल से लेकर निर्दलियों को भी साधने के लिए तेजस्वी ने अपने इन सेनापतियों को टास्क सौंप दिया है। इन्हें सबकुछ पक्का कर राजद प्रवक्ता से समन्वय करना है।
तेजस्वी को बाहुबलियों का सहारा
अनंत सिंह और रीतलाल यादव निर्दलीय से लेकर जो भी विरोधी दल के छोटे घटक दल हैं या फिर जो दल महज एक-दो सीटों पर ही जीत पाए हैं, उन्हें महागठबंधन के लिए तैयार करें। हालांकि ये सभी रणनीति गुप्त तरीके से बनाई जा रही है। तेजस्वी यादव ने उन नेताओं को भी जिम्मेदारी दी है, जो पैसे के मामले में मजबूत हैं मैनेजमेंट में भी आगे हैं। इस हिसाब से तेजस्वी यादव ने एमएलसी सुनील सिंह और राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह पर भरोसा जताया है। इनके सहयोग के लिए मनोज झा को भी लगाया है, ताकि बात बने तो वह उसे अंजाम तक पहुंचाने में कामयाब हो जाएं।
डिप्टी सीएम का ऑफर तो खुल ही गया है
गुरुवार को राजद के विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि एनडीए सरकार ज्यादा दिनों तक नही चलने वाली है, ऐसे में तेजस्वी यादव की ये गुप्त टीम ऑपरेशन में लग चुकी है। इससे पहले सीधे तौर पर राजद के नेता ने मांझी और मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का ऑफर दे चुके है। हालांकि, मांझी ने अभी अपना पत्ता पूरी तरह से साफ नहीं किया है। उन्होंने महागठबंधन के ही विधायकों को एनडीए में आने का न्योता दिया है।(UNA)