बीएसए ने 90 फर्जी शिक्षको को किया बर्खास्त

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पवन कुमार
संवादाता, UNA ब्यूरो
14 अक्टूबर 2019

कासगंजः जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब बीएसए अंजली अग्रवाल ने 90 फर्जी शिक्षको की सेवा समाप्त करने का नोटिस थमा दिया।बीएसए की इस कार्रवाई से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। हर शिक्षक वर्खास्त किए गए शिक्षको के नाम जनाने के लिए बेताब है। आपकों बतातें चले कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में बेसिक शिक्षा विभाग में बडे पैमाने पर फर्जी शिक्षको की नियुक्ति का मामला एक लम्बे समय चर्चा में रहा था। प्रदेश सरकार ने इस पूरे प्रकरण की एसआईटी से जांच कराई गई।
आपको ज्ञात होकि शिक्षा विभाग के ही एक कर्मचारी ने जनपद मथुरा में शिक्षको की फर्जी नियुक्ति का मामला एक निजी मथुरा के लोकल चैनल माध्यम से जोरशोर से उठाया था।आशंका पर संका के बदले हटते इसका खुलासा एसआईटी जांच रिपोर्ट के बाद हुआ। इस जांच रिपोर्ट में मथुरा, अलीगढ, हाथरस, कासगंज, एटा, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा बदांयू के अलावा अन्य जनपदों मे शिक्षको की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया। स्पेशल जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर संबंधित जिलो के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जांच रिपोर्ट की सीडी बनाकर सौपी।साथ ही उन्होंने फर्जी शिक्षको के विरूद्ध बर्खास्त करने की कार्रवाई विभाग से करने को कहा,एसआईटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जनपद कासगंज बेसिक शिक्षा विभाग ने 92 शिक्षको को चिन्हित कर गोपनीय जांच कराई। दोषी पाये जाने पर उन फर्जी शिक्षको को नोटिस जारी कर जबाब तलब किया, लेकिन कोई भी फर्जी शिक्षक अपने जबाब से शिक्षा विभाग को संतुष्ट नहीं कर सका। जिलाबेसिक शिक्षाधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि जिन 92 शिक्षको की जांच की गई, जिसमें एक शिक्षक के कागजात पूरी तरह से सही पाये गये, लेकिन 91 शिक्षको के कागजात या तो फर्जी निकले, या फिर अंकतालिकाओ को टेम्पर्ड करना पाया गया। बाद में इन शिक्षको को नोटिस भी जारी किए गए। जिसमें से 90 शिक्षको के जबावो से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ, लेकिन एक शिक्षक की अभी जांच जारी है। उसे पुनः नोटिस भेजकर जबाव तलब किया जा रहा है।जिन 90 शिक्षको को फर्जी पाया गया, जिनमें 23 महिला शिक्षक भी शामिल है। उनकी आज सोमवार से सेवाए समाप्त कर दी गई। इस संदर्भ में फर्जी शिक्षको को बर्खास्तगी के आदेश भेज दिए गए हैं।