बुलंदशहर में रेप पीड़िता के परिवार से मिलीं प्रियंका गाँधी

2
105

UNA NEWS,
UP Bureau
आज बुलंदशहर में भी एक लड़की की साथ उसी तरह की हैवानियत हुई है जैसा हाथरस में हुआ था, यहाँ भी एक लड़की को ना केवल बलात्कार कर दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया, बल्कि पुलिस प्रशासन ने बिना परिवार को बताए उस लड़की की लाश को जला दिया। पीड़िता के परिजनों से आज जब कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी मिलने गईं तो मीडिया से रूबरू हुईं।

बुलंदशहर में हाथरस जैसी हुई घटना के संदर्भ में पूछे एक प्रश्न के उत्तर में श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि आपके पुलिस और प्रशासन ने जो हुआ है, उसको दबाने की कोशिश की है, पूरी तरह से, जो मुझे परिवार के सदस्य बता रहे हैं। पूरी तरह से उसको दबाने की कोशिश की है। जिस तरह से हाथरस में अंतिम संस्कार किया गया था, लगभग उसी तरह से यहाँ पर किया गया है। इन पर दबाव डाला बीच रात में अंतिम संस्कार करने के लिए और परिवार वाले बिल्कुल असंतुष्ट हैं। कल रात तक एफआईआर में इन्होंने जो धाराएं लगानी थी, वो भी नहीं लगाई। अब मुझे पता चल रहा है, हमारे प्रत्याशी जी कह रहे हैं, कि इनको बताया गया कि कल रात को जब इन्हें पता चला कि हम लोग आ रहे हैं यहाँ, तब शायद इन्होंने हो सकता है कि कुछ धाराएं एड की हैं, लेकिन किसी को कुछ नहीं मालूम। एफआईआर की कॉपी अभी परिवार को नहीं मिली है। डरे हुए हैं, कह रहे हैं कि पूरा पुलिस प्रशासन मिला हुआ है और यहाँ के कोई आनंद शर्मा जी जो हैं, उनका बार-बार, लगातार फोन आ रहा था पुलिस को, जिस समय ये सारा हुआ। तो उनको शक है कि शायद उनका कुछ इसमें इन्वोलवमेंट है किसी स्तर पर और इसको दबाया जा रहा है, पूरे मामले को।

हमने उनको ये आश्वासन दिया कि हम इस मामले को दबने नहीं देंगे, जो लड़ाई लड़नी है, हम उनके साथ खड़े हैं, हम लड़ेंगे और न्याय इनको मिलेगा।

एक अन्य प्रश्न पर कि हाथरस जैसी घटना यहाँ पर देखने को मिली है? श्रीमती गांधी ने कहा कि परिवार के जो सदस्य हैं, उनका कहना है कि गैंगरेप हुआ है। पुलिस बिल्कुल इस बात को मान नहीं रही है और जो पोस्टमोर्टम है, उसमें भी बहुत कम लिखा है और जो इनकी नानी हैं, जिन्होंने पैर पकड़ कर, उन्होंने कहा कि पैर पकड़ कर पुलिस प्रशासन से विनती की कि उनको देखने दें अपनी बच्ची को, नहीं देखने दिया, उनको धकेला गया, वो गिर गईं और उस बच्ची को ले गए और ये भी बात आ रही है कि ये बात सबसे पहले, जब ये हादसा हुआ, तो सबसे पहले परिवार के सदस्यों को पुलिस ने इत्तला किया, तो पुलिस को पता कैसे चला? तो बहुत सारे सवाल हैं, उनका जवाब हमें मांगना है और इनके लिए लड़ना है, क्योंकि जो हो रहा है, बार-बार वही चीज हो रही है। इस केस में भी कह रहे हैं, लड़की के ऊपर कुछ इल्जाम लगा रहे हैं। हाथरस में भी किया, उन्नाव में भी किया, बार-बार यही हो रहा है। पुलिस और प्रशासन सिर्फ और सिर्फ जो अत्याचार कर रहे हैं, जो अपराधी हैं, उनकी तरफ खड़े रहते हैं और जो लड़कियां हैं, उनको कोई मदद नहीं करता। पुलिस और प्रशासन एफआईआर भी दर्ज नहीं करता टाइम पर और जब दर्ज करते हैं, तो हल्की-हल्की धाराएं डालते हैं। इसमें ये लड़की माइनर थी, 17 साल की लड़की थी, उसको 21 साल का दिखा रहे हैं, जबकि आधार कार्ड में सब चीज, जितने भी उसके दस्तावेज हैं, उसमें ये 17 साल की लड़की है। पोक्सो लगना चाहिए।

एक अन्य प्रश्न पर कि कांग्रेस किस तरह से इस पीड़िता की मदद करेगी? श्रीमती गांधी ने कहा कि मैं हर तरह से मदद करुंगी, जिस तरह से उन्नाव में हमने किया, जिस तरह से हाथरस में किया। हमारे लोग हैं यहाँ, वो लोग यहाँ पर मौजूद रहेंगे, ताकि इनको डराया- धमकाया नहीं जाए। इनको अधिवक्ताओं की जरुरत है, हम मदद करेंगे। हम अधिवक्ता के द्वारा भी मदद करेंगे। कोई अच्छा अधिवक्ता ढूंढेंगे इनके लिए। जो एफआईआर में धाराएं लगनी चाहिए, उनके लिए दबाव डालेंगे। हम राजनीतिक दबाव डालेंगे, हम लड़ेंगे इनके लिए। क्योंकि इनका हक है कि इनको न्याय मिले। इतना बड़ा हादसा हुआ है इनके साथ और आज तक आप लोगों ने लिखा भी नहीं है। आप तब लिख रहे हैं, जब नेता आ रहा है, यहाँ। तो आप भी सोचिए, यहाँ पर जो हुआ है, आप लोगों ने लिखा क्यों नहीं है, आपने दिखाया क्यों नहीं है, मीडिया में?

एक अन्य प्रश्न पर कि सोशल मीडिया लगातार दिखा रहा है इसको, श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि सोशल मीडिया दिखा रहा है, तो मेन मीडिया क्यों नहीं दिखा रहा है? क्या छुपा रहे हैं, किसके दबाव में हैं? ये गलत है, ये पूरे समाज के साथ गलत है, परिवार के साथ और पूरे समाज के साथ।

एक अन्य प्रश्न पर कि कुछ भी लिखने पर पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाता है? श्रीमती गांधी ने कहा कि आपने देखा कि हाथरस में क्या हुआ, लेकिन सच्चाई आगे आनी चाहिए ना। ये बार-बार होता रहेगा, बार-बार होते रहेगा, कितनी लड़कियां ऐसे बर्बाद होंगी?

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here