बेंगलुरु कर्नाटक के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक बार फिर कृषि कानूनों की पैरवी करते हुए उन्हें किसानों के लिए हितकारी बताया।

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बेंगलुरु
कर्नाटक के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक बार फिर कृषि कानूनों की पैरवी करते हुए उन्हें किसानों के लिए हितकारी बताया। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। तीनों कृषि कानून किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में मदद करेंगे। अब किसान देश और दुनिया में कहीं भी कृषि उत्पाद बेच सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मैं उन कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं जो किसानों के पक्ष में बात कर रहे हैं, आपने किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष क्यों नहीं दिए या जब आप सत्ता में थे तब प्रधानमंत्री आवास बीमा योजना या संशोधित इथेनॉल नीति बनाई?क्योंकि आपका इरादा सही नहीं था।

सोमवार को SC में होनी है सुनवाई
तीनों कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली और दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डेरा डाले किसानों को हटाने संबंधी याचिकाओं पर SC में सोमवार को सुनवाई हो सकती है। 12 जनवरी को शीर्ष अदालत ने अगले आदेश तक तीनों कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी। किसानों के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कहा था सुप्रीम कोर्ट की गठित चार सदस्यीय समिति उन्हें स्वीकार्य नहीं है। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने SC की कमिटी से अपना नाम वापस ले लिया
कर्नाटक मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद घमासान?
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने बीते बुधवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 27 मंत्री थे। मंत्रिमंडल में सात सदस्यों की जगह खाली थी, जिन्हें भरा गया है। नए मंत्रियों में एमटीबी नागराज, उमेश कट्टी, अरविंद लिम्बावली, मुरुगेश निरानी, आर शंकर, सीपी योगीश्वर, अंगारा एस का नाम शामिल है। कर्नाटक में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदर घमासान जारी है। इस मंत्रिमंडल विस्तार से कई बीजेपी नेता नाराज हैं।