बेंगलुरु, केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध करते हुए और उन्हें वापस लेने की मांग करते हुए दिल्ली में धरने पर बैठे कृषकों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए

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बेंगलुरु, केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध करते हुए और उन्हें वापस लेने की मांग करते हुए दिल्ली में धरने पर बैठे कृषकों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को किसानों ने राजमार्गों को जाम कर दिया। कुरुबुरू शांताकुमार के नेतृत्व में विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर किसान राज्य में बेंगलुरु आने जाने वाले राजमार्गों पर उमड़ पड़े और उन्होंने उन्हें जाम कर दिया। कुछ कन्नड़ समर्थक संगठन प्रदर्शनकारियों के समर्थन के सामने आ गये हैं और उन्होंने राज्य में प्रदर्शन किया। बेंगलुरु, मैसूरू, कोलार, कोप्पल, बागलकोटे, तुमकुरु दावणगेरे, हासन, मेंगलुरु, हावेरी, शिवमोग्गा, चिकबल्लापुर और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया गया। बेंगलुरु समेत राज्य के कुछ हिस्सों मे प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां दीं। प्रदर्शन के आलोक में राज्य के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई में यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो और लोग परेशान न हों। राज्य में व्यापक सुरक्षा इंजाम किया गया था। प्रदर्शनों की निंदा करते हुए केंद्रीय रसासयन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि किसानों के आरोप गलत हैं और नरेंद्र मोदी नीत सरकार ने कृषि संकट एवं किसानों की आत्महत्या के समाधान के लिए स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें लागू की हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की सीमाओं पर खासकर पंजाब के किसान तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए पिछले साल नवंबर से डेरा डाले हुए हैं।