भभुंआ संवाददाता-निबंधन प्रमाण पत्र के बिना नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर

0
1

अब जिले में निबंधन प्रमाण पत्र वाले ही कोचिंग संस्थान संचालित हो सकेंगे। बिना निबंधन वाले कोचिंग संस्थानों पर सीधी कार्रवाई होगी। बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 के प्रावधानों के तहत ही ऐसी संस्था चल सकेगी। यानी अब कोई भी कोचिंग संस्थान बिना वैध निबंधन प्रमाण पत्र के नहीं चल पाएंगे। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी को पत्र लिखकर बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 को लागू करने का निर्देश दिया है।

अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र के माध्यम से कहा है कि जिलास्तर पर आपकी अध्यक्षता में जो कमेटी गठित है वह निबंधन करने, जांच करने व निबंधन के नवीनीकरण के लिए सक्षम प्राधिकार है। बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 में प्राधिकार को व्यवहार न्यायालय का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा है कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की संचालन प्रक्रिया की जांच कराई जाय और जो कोचिंग संस्थान बिना निबंधन के संचालित हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए बंद करा दिया जाए।

बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 में प्राधिकार को यह शक्तियां प्राप्त है कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध की पुष्टी होने पर 25 हजार और दूसरी बार अपराध साबित होने पर कोचिंग संस्थान पर एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया जा सकता है। द्वितीय अपराध के बाद गठित कमेटी द्वारा कोचिंग संस्थान के विरुद्ध आरोप प्रमाणित होने की स्थिति में कारणपृच्छा व सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद निबंधन रद्द भी किया जा सकता है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि जिलास्तरीय कमेटी के निर्णय के विरुद्व कोचिंग संस्थान प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष 30 दिनों के भीतर अपील दायर कर सकता है।

निबंधन शुल्क जमा करने के लिए बना है शीर्ष

अपर मुख्य सचिव के पत्र में निबंधन शुल्क जमा करने के शीर्ष (हेड) का भी जिक्र किया गया है। वित्त विभाग के महालेखाकार द्वारा मुख्य शीर्ष 0202- शिक्षा, खेलकूद, कला तथा संस्कृति के अंतर्गत उपमुख्य शीर्ष 0002- कोचिंग संस्थानों का निबंधन एवं नवीनीकरण के लिए बनाया गया है। जबकि कोचिंग संस्थानों के अपराध पर प्राप्त होने वाले अर्थदंड को उक्त मुख्य शीर्ष के उपमुख्य शीर्ष 0003 में जमा किया जाएगा। सभी प्रकार की राशि ड्राफ्ट के माध्यम से जमा होगी।

पांच हजार रुपया लगेगा निबंधन शुल्क

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि कोचिंग संस्थान को शुरू करने के एक माह के अंदर पांच हजार के डिमांड ड्राफ्ट के साथ विहित प्रपत्र में आवेदन करना होगा। निबंधन समिति जब तक निबंधन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करा देती है तब तक कोचिंग संस्थान चलता रहेगा। उन्होंने कहा है कि कोचिंग संस्थान यदि चाहे तो विशिष्ट शर्तों एवं बंधेज के साथ अनुबंध के आधार पर अनुपयोगी सरकारी भवन व स्कूल भवन में विद्यालय प्रबंध समिति की सहमति लेकर निर्धारित किराया दर पर कार्य अवधि के बाद उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है। किराए के रूप में प्राप्त राशि विद्यालय के विकास कार्य में खर्च किया जाएगा।