भारत बंद पर राकेश टिकैत का दावा कितना सही

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नई दिल्ली; तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार भारत बंद का असर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ जगहों पर दिखाई दिया। वहीं बिहार, यूपी, राजस्थान और दक्षिण के कई राज्यों में भी बंद का कुछ असर दिखा लेकिन यहां राजनीतिक दलों की भागीदारी अधिक रही। दिल्ली और दूसरे जगहों पर किसानों ने राजनीतिक दलों से दूरी भी बनाई इसका एक उदाहरण दिल्ली में दिखाई भी दिया। जब दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी को किसानों ने धरना स्थल से जाने को कहा।
दिल्ली- एनसीआर में लगा जाम, सड़कों पर बैठे किसान
सोमवार सुबह दिल्ली- एनसीआर में कई जगहों बंद की वजह सड़कों पर लंबा जाम दिखाई दिया। भारत बंद के मद्देनजर गाजियाबाद पुलिस ने गाजियाबाद और निजामुद्दीन को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे को बंद कर दिया था। वहीं नोएडा प्राधिकरण के पास किसान अपनी मांगों को लेकर भारी संख्या में इकट्ठा हुए और पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ा। वहीं हरियाणा के पलवल में किसानों ने दिल्ली-मथुरा नैशनल हाइवे जाम किया। बंद की वजह से दिल्ली-गुरुग्राम हाइवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला। सुबह के वक्त दिल्ली-गुरुग्राम हाइवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया जिसका असर शाम तक दिखाई पड़ा।
किसानों के प्रदर्शन और बंद को देखते हुए दिल्ली पुलिस खासा सतर्क दिखी। खासकर लाल किला वाले रास्ते पर। लाल किला जाने वाला रास्ता दोनों तरफ से बंद कर दिया गया था। किसी भी वाहन को इस रूट पर जाने की अनुमति नहीं थी। इस रूट पर चलने वाली बसों को डायवर्ट कर दिया गया था। पिछली बार लाल किला पर आंदोलन के वक्त जो हंगामा हुआ था उसके देखते हुए पुलिस कुछ ज्यादा सतर्क दिखी। वहीं बंद की वजह से कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करना पड़ा। डीएनडी पर यातायात प्रभावित रहा। गाजीपुर बॉर्डर को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। अक्षरधाम मंदिर के पास गाजीपुर बॉर्डर से सराय काले खां की ओर आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के एक तरफ अफरा-तफरी का माहौल रहा।