भारत में कोरोनाकाल के बीच आज 74वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देशवासियों को संबोधित किया

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भारत में कोरोनाकाल के बीच आज 74वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देशवासियों को संबोधित किया। करीब 1 घंटे 27 मिनट लंबे भाषण में पीएम ने आर्थिक विकास से लेकर कोरोनावायरस, महिला शक्ति से लेकर डिजिटल इंडिया और  लद्दाख में चीनी घुसपैठ से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक पर बात की। पीएम ने कोरोनावायरस पर बात कर भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कोरोनावायरस से लड़ाई जीतने की बात कही और कोरोना वॉरियर्स को नमन किया। पीएम ने लद्दाख में चीन की घुसपैठ की ओर इशारा करते हुए कहा कि एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है। भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है। इस संकल्प के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है। आतंकवाद, विस्तारवाद का देश डटकर मुकाबला कर रहा है। इसी के साथ पीएम ने डिजिटल हेल्थ मिशन की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा, “हमारे वैज्ञानिक वैक्सीन के लिए कड़ी तपस्या कर रहे हैं। भारत में एक नहीं, दो नहीं, तीन वैक्सीन की टेस्टिंग अलग-अलग चरण में है। वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलने के बाद इनका प्रोडक्शन होगा। यह वैक्सीन हर भारतीय तक कम से कम समय में कैसे पहुंचे उसका खाका भी तैयार है। हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर विकास की तस्वीर अलग-अलग है। कुछ क्षेत्र बहुत आगे हैं, कुछ पीछे हैं। यह असंतुलन आत्मनिर्भर भारत के आगे बड़ी चुनौती। गौरतलब है कि यह सातवीं बार है, जब मोदी पीएम के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले ही उन्होंने ट्वीट कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने लिखा, “स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जय हिंद!” पीएम मोदी इस स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से झंडा फहराने के साथ ही अपने नाम एक और रिकॉर्ड जोड़ लेंगे। वे गैर-कांग्रेसी पीएम के तौर पर सबसे ज्यादा बार झंडा फहराएंगे। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल किले से 6 बार तिरंगा फहराया था। अब इस मामले में मोदी से आगे सिर्फ जवाहर लाल नेहरू (17 बार), इंदिरा गांधी (16 बार) और मनमोहन सिंह (10 बार) ही आगे हैं। कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे की वजह से इस बार स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नेताओं, अफसरों, राजनयिकों और मीडियाकर्मियों समेत 4 हजार के करीब लोगों को ही न्योता दिया गया है। पिछले साल तक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में कम से कम 10 हजार लोग जुटते थे। लेकिन इस बार सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना की अन्य गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए कम ही लोग बुलाए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर सीटों में भी दूरी रखी जाएगी।(UNA)