भारत रत्न प्रणब मुखर्जी नहीं रहे, आज आरआर अस्पताल में ही रहेगा पार्थिव शरीर

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नई दिल्ली- भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के जाने पर पूरे देश में शोक की लहर है। नेताओं से लेकर आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है। उनका राजनीतिक जीवन 40 सालों से भी ज्यादा लंबा रहा है। कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उन्होंने विदेश से लेकर रक्षा, वित्त और वाणिज्य मंत्री तक की भूमिका निभाई थी।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नहीं रहे। आज उनका निधन हो गया। कई दिनों  से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गहन कोमा में थे। 84 वर्षीय मुखर्जी को वेंटिलेटर पर रखा गया था और फेफड़े में संक्रमण का इलाज किया जा रहा था। मुखर्जी के निधन की जानकारी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी है। पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर सरकार की ओर से सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। पूरे भारत में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक यह शोक मनाया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर आज आरआर अस्पताल में ही रहेगा। कल 10 राजाजी मार्ग स्थित निवास स्थान पर पार्थिव शरीर रखा जाएगा।

प्रणब मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि प्रणब मुखर्जी के स्वर्गवास के बारे में सुनकर हृदय को आघात पहुंचा है। उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है। प्रणब मुखर्जी के परिवार, मित्र-जनों और सभी देशवासियों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करता हूँ।

मस्तिष्क में खून का थक्का बन जाने के कारण उन्हें 10 अगस्त को दोपहर 12.07 बजे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। सर्जरी से पहले उनकी कोरोना जांच भी कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उनके मस्तिष्क से खून के थक्के को हटाने के लिए सर्जरी की थी। फिर भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।