भिवंडी इस वर्ष भारत में विशेषकर महाराष्ट्र में लाखों लोग कोरोना संक्रमण के संकट से प्रभावित हुए हैं। इसमें सैकड़ों की मौत भी हो गई है। इसीलिए इस वर्ष सभी धार्मिक त्योहारों को मनाने में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना आवश्यक है।

0
243

भिवंडी
इस वर्ष भारत में विशेषकर महाराष्ट्र में लाखों लोग कोरोना संक्रमण के संकट से प्रभावित हुए हैं। इसमें सैकड़ों की मौत भी हो गई है। इसीलिए इस वर्ष सभी धार्मिक त्योहारों को मनाने में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना आवश्यक है। धामनकरनाका मित्र मंडल स्वाभिमान सेवा संस्था श्रीगणेशोत्सव अत्यंत सरलता एवं कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए थ्रीडी डिजिटल का उपयोग करके गणेशभक्तों को घर बैठे गणपति दर्शन कराए जाएंगे।

गणेशोत्सव के दौरान 10 दिन तक ठाणे के वामनराव ओक रक्त बैंक के माध्यम से भारतरत्न ए.पी.जे. अब्दुल कलाम महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें 2,100 गणेश भक्तों ने रक्तदान करने का संकल्प लिया गया है।
32 साल से बनाया जा रहा गणेश पंडाल
उक्त जानकारी देते हुए मंडल के अध्यक्ष संतोष शेट्टी ने बताया कि गणेशोत्सव के अवसर पर पिछले 32 साल से जहां भव्य मंदिर की प्रतिकृत बनाई जाती थी, वहीं कोरोना को ध्यान में रखते हुए अत्यंत छोटा मंडप बनाकर उसमें मात्र ढाई फीट ऊंची श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की गई है। मंडप में श्री गणेश का दर्शन करने के लिए भक्तों को पास देने के बजाय उन्हें घर बैठे यूट्यूब, फेसबुक एवं केबल के माध्यम से दिखाया जाएगा।
सभी नियमों का हो रहा पालन
गणेश मंडप में काम करने वाले कार्यकार्ताओं को स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सैनेटाइजर, थर्मोटेस्ट, पल्स ऑक्सीमीटर से बुखार की जांच करने, दस्ताना एवं मुंह पर मास्क लगाना आवश्यक किया गया है। शेट्टी ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान महा रक्तदान शिविर के साथ नेत्र चिकित्सा, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन करके लोगों की सेवा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना को हराकर पुनः अपनी सेवा में हाजिर होने वाले मनपा स्वास्थ्य विभाग, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा।

8 वर्षीय बच्चे ने बनाए बप्पा
अंबरनाथ के मलंगगढ इलाके के नेवालीपाडा गांव में रहने वाले 8 वर्षीय छात्र तनिष किरण जाधव ने भगवान गणेश की मूर्ति बनाई है। स्कूल व क्लासेस में छुट्टी होने कारण तनिष ने एक ही दिन में मूर्ति निर्माण किया। बिना किसी प्रशिक्षण के तनिष ने इस मूर्ति को बनाया है। तनिष नेवाली के ओम साई इंग्लिश स्कूल छात्र है।