भोपाल उपचुनाव के बाद से ही शिवराज कैबिनेट के विस्तार को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के हर दौरे के दौरान यह अटकलें तेज हो जाती थी।

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भोपाल
उपचुनाव के बाद से ही शिवराज कैबिनेट के विस्तार को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के हर दौरे के दौरान यह अटकलें तेज हो जाती थी। तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। 3 जनवरी को शिवराज कैबिनेट का विस्तार होगा। कैबिनेट विस्तार को लेकर राज भवन में जानकारी दे दी गई है। उसके बाद राजभवन में भी तैयारी शुरू हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिवराज कैबिनेट का विस्तार 3 जनवरी को दोपहर साढ़े 12 बजे होगा। इसी दिन मध्यप्रदेश के नए चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक का शपथ ग्रहण भी संभावित है। राजभवन की तरफ से कैबिनेट विस्तार को लेकर पुष्टि कर दी गई है। हालांकि कितने मंत्री शपथ लेंगे ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन कैबिनेट में 5 मंत्रियों के पद खाली हैं।कैफे में नशाखोरी कर नए साल का स्वागत कर रहे थे लड़के, पुलिस ने मारा छापा

ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादारों में शामिल तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कार्यकाल पूरा होने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। यह माना जा रहा है कि ये दोनों फिर से शपथ लेंगे। वहीं, उपचुनाव में 3 लोगों की हार की वजह से जगह खाली हैं। तीनों सिंधिया खेमे के लोग थे। ऐसे में सवाल है कि उनके स्थान पर इस बार शिवराज कैबिनेट में किसे जगह मिलेगी। इस पर से अभी पर्दा नहीं उठा है। लेकिन दावेदार कई हैं। कहा जा रहा है कि कई दौर के मंथन के बाद दिल्ली से कैबिनेट विस्तार को लेकर हरी झंडी मिल गई है।

हारे हुए लोग होंगे एडजस्ट
उपचुनाव में जिन मंत्रियों की हार हुई है, वे लोग कांग्रेस छोड़ कर आए थे। उनमें इमरती देवी कांग्रेस की सरकार में भी मंत्री थी। ऐसे में शिवराज सरकार पर दबाव है कि उन लोगों को एडजस्ट किया जाए। चर्चाओं के अनुसार इन सभी लोगों को बोर्ड और निगमों का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।