भोपाल के विश्वकर्मा नगर में रहने वाली दिव्यांग बेटी फैमिली पेंशन पाने को लेकर हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

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एक अहम फैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि दिवंगत कर्मचारी की दिव्यांग बेटी फैमिली पेंशन पाने की हकदार है। जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने पेंशन का दावा निरस्त करने वाले जल संसाधन विभाग के आदेश को खारिज करते हुए फैसला दिया। साथ ही पेंशन की राशि व पूरा एरियर्स 60 दिनों के भीतर देने को कहा है। यह मामला भोपाल के विश्वकर्मा नगर में रहने वाली रुक्मणि तिवारी की ओर से 2019 में दायर किया गया था।
आवेदक का कहना था कि उसके पिता हल्केराम तिवारी जल संसाधन विभाग में पदस्थ थे। उनके निधन के बाद याचिकाकर्ता ने फैमिली पेंशन पाने का दावा पेश किया। विभाग ने 13 जुलाई 2019 को उसका दावा में यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं है, जिसमें कर्मचारी पर आश्रित दिव्यांग फैमिली पेंशन पाने का हकदार हो। चूंकि याचिकाकर्ता की उम्र 56 वर्ष हो चुकी, इसलिए उसे पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुधा गौतम ने पैरवी करते हुए दलीलें दीं।(UNA)