भोपाल, मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) की स्मृति में गुरुवार को राजधानी भोपाल में सभी सरकारी दफ्तर बंद (Holiday in Govt Offices at Bhopal) रहेंगे

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भोपाल, मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) की स्मृति में गुरुवार को राजधानी भोपाल में सभी सरकारी दफ्तर बंद (Holiday in Govt Offices at Bhopal) रहेंगे। बता दें कि साल 1984 में 2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात को ही भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव (36 years of Bhopal Gas Tragedy) हुआ था जिसमें 15 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।
प्रदेश सरकार त्रासदी के पीड़ितों की हरसंभव मदद का दावा करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि न तो इसके दोषियों को पकड़ा गया, न ही प्रभावितों को आज तक समुचित मुआवजा मिला। इसी बात को लेकर बुधवार को त्रासदी के पीड़ितों ने राजधानी में टॉर्च रैली निकालकर सरकार से अपनी मांगें दोहराई। उन्होंने अलग कमेटी के गठन के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस त्रासदी में कुल 5, 74, 376 लोग प्रभावित हुए थे। वहीं, 5,295 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 5,21,00 प्रभावितों को 25 हजार रुपए मुआवजा मिला था। जबकि मृतकों को 10 लाख रुपए का मुआवजा मिला था। इसके अलावा 48,000 प्रभावितों को 1 लाख से 5 लाख रुपया मुआवजा दिया गया है।
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औद्योगिक इतिहास की सबसे भयानक त्रासदियों में शामिल भोपाल गैस त्रासदी के 36 साल बीतने के बाद भी प्रभावित इलाकों में जहरीली गैस का असर है। गैस पीड़ित लोगों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी किसी न किसी बीमारी की चपेट में है। ज्यादातर बच्चे आज भी मानसिक रूप से विकलांग पैदा होते हैं।(UNA)