भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विधानसभा उपचुनाव हैं और साधु-संतों की टोली की एंट्री फिर से हो गई है. प्रदेश में 27 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (By Election) से पहले टोली ने कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाल लिया है

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विधानसभा उपचुनाव हैं और साधु-संतों की टोली की एंट्री फिर से हो गई है. प्रदेश में 27 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (By Election) से पहले टोली ने कांग्रेस के लिए मोर्चा संभाल लिया है. इन लोगों ने लोकतंत्र बचाओ अभियान छेड़ा है. बाबाओं की इस टोली में कंप्यूटर और मिर्ची बाबा भी शामिल हैं. 2018 के विधानसभा और फिर उसके ठीक बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेलते हुए बीजेपी को चुनौती दी थी. वही रणनीति अब वो उपचुनाव में अपना रही है. संतों का ये अभियान उसी का हिस्सा है.
कंप्यूटर और मिर्ची बाबा रिटर्न्स

2019 के आम चुनाव से पहले चिलचिलाती धूप में जलते कंडों के बीच बैठकर कंप्यूटर बाबा का हठयोग सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था. उन्होंने दिग्विजय सिंह के पक्ष में भोपाल लोकसभा क्षेत्र में प्रचार किया था. सिर्फ कंप्यूटर बाबा ही नही मिर्ची बाबा ने भी मिर्ची यज्ञ के जरिए दिग्विजय सिंह की जीत का टोटका किया था. लेकिन दोनों बाबाओं का यह टोटका काम नहीं आया. दिग्विजय सिंह बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से चुनाव हार गए थे.
इस बार मिर्ची यज्ञ नहीं
अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के बाद बीजेपी और कांग्रेस नेताओं की राम के प्रति आस्था जताने और जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति के बाद बड़े वोट बैंक को साधने के लिए साधु संतों की टोली सक्रिय हो गई है. कांग्रेस के समर्थन में ग्वालियर चंबल इलाके की 16 सीटों पर दो हजार साधु-संतों प्रचार करेंगे. हालांकि मिर्ची बाबा ने कहा है कि इस बार उपचुनाव से पहले वो हवन नहीं करेंगे लेकिन दल बदलने वाले विधायकों को सबक सिखाने के लिए जनता को जागरुक ज़रूर करेंगे.

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