मंडियों में फसल खरीद कार्य की तैयारियां करें पुख्ता, किसानों को न हो असुविधा : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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हरियाणा; सिरसा, 19 सितंबर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला में फसल खरीद को लेकर जिला में की गई तैयारियों, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा व परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वीडियो कॉफ्रेंस कक्ष में उपायुक्त अनीश यादव ने मुख्यमंत्री को जिला में फसल खरीद को लेकर की गई तैयारियों व परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन कार्य की प्रगति बारे अवगत करवाया। बैठक में सीएमजीजीए कुनाल चौहान, उप निदेशक कृषि डा. बाबूलाल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी, डीआईओ रमेश शर्मा, डीएमईओ चरण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अनाज मंडियों में 25 सितंबर से होने वाली फसल खरीद कार्य के लिए अधिकारी अनाज मंडियो में समय रहते सभी प्रबंध पुख्ता करें। ऐसी व्यवस्था बनाए कि मंडियों में आने वाली फसल के रखरखाव व उठान सुनिश्चित करने के लिए परिवहन की व्यापक व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि मंडियों में इंटरनेट सुविधा पुख्ता करें ताकि किसानों को गेट पर ही गेटपास की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार स्वच्छ पेयजल व साफ-सफाई भी दुरुस्त हो, जिससे किसानों को कोई असुविधा न हो। मंडियों में साफ सफाई की व्यवस्था के साथ-साथ बिजली-पानी का विशेष ध्यान रखा जाए। मंडियों में बारदाना की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा नमी जांच यंत्रों की भी समुचित व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि बरसाती मौसम के मद्देनजर तिरपाल की व्यवस्था व शेड आदि की जांच करें। अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मंडियों का निरीक्षण करें और कहीं पर जलभराव की संभावना है तो उसे तुरंत दुरुस्त करवाएं। इसके साथ-साथ बरसाती पानी की जल्द निकासी के लिए मोटर पंप आदि जरूरी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए अधिक से अधिक जागरूक व प्रेरित किया जाए। इसके अलावा पराली खरीद करने वाली एजेंसियों की भी सूची बनाई जाए ताकि पराली प्रबंधन में उनका सहयोग लिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेड व येलो जोन में निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए तथा पराली की गांठे रखने के लिए पंचायती भूमि चिन्हित की जाए। इसके अलावा गौशालाओं में भी भिजवाई जाए ताकि पशुओं के लिए चारे की कमी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए किसानों को 50 से 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे है, इनके बारे में भी किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करें। पराली जलाने से पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचता है, इसको लेकर समय-समय पर राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा भी हिदायतें दी जाती है। इसलिए पराली प्रबंधन को लेकर गंभीरता से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन कार्य पूरा होने से पात्र व्यक्तियों को मुख्यमंत्री अंत्योदय गरीब कल्याण योजना के तहत सरलता से सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला के रेड व येलो जोन के किसान जो किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए थे, वे अनुदान के लिए विभाग के पोर्टल पर 25 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जाति के किसान व्यक्तिगत व कस्टम हायरिंग सेंटर श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत व्यक्तिगत श्रेणी में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। किसानों की सहकारी समिति, एफपीओ, पंजीकृत किसान समिति तथा पंचायत द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने पर 80 प्रतिशत अनुदान, व्यक्तिगत श्रेणी में लघु सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी द्वारा चयन के उपरांत किसान सूचिबद्ध कृषि यंत्र निर्माताओं से मोलभाव कर अपनी पसंद के निर्माण से खरीद सकते हैं।