मध्य प्रदेश में विधानसभा की 27 सीटों पर उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस में घमासान जारी

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मध्य प्रदेश में विधानसभा की 27 सीटों पर उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस में घमासान जारी है। इसी बीच प्रदेश के सबसे अहम ग्वालियर चंबल संभाग में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के अंदर सबसे बड़ी सेंध का दावा किया है। भाजपा के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में 3 दिन चले मेगा सदस्यता अभियान में 76000 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। जबकि भाजपा के इस दावे को कांग्रेस सफेद झूठ बता रही है। ग्वालियर में 22 अगस्त से जारी मेगा सदस्यता अभियान के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर सहित तमाम भाजपा के दिग्गजों ने ग्वालियर में ही डेरा जमाया हुआ था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट कर लिखा है कि ग्वालियर और चंबल संभाग के चारों लोकसभा क्षेत्र से 76,361 कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए हैं। इनमें से 18334 ग्वालियर लोकसभा, 24989 मुरैना लोकसभा, 19563 गुना लोकसभा और 13475 भिंड लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। साथ ही वीडी शर्मा और सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर इन सभी कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत किया हैं। इसलिए महत्वपूर्ण है ग्वालियर चंबल संभाग:
मध्य प्रदेश में जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें ग्वालियर चंबल संभाग को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उपचुनाव की सबसे ज्यादा 16 सीटें इसी संभाग से हैं। एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह संभाग कांग्रेस से अलग होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का इलाका है। ग्वालियर चंबल संभाग ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ रहा है। ऐसे में भाजपा उपचुनाव से पहले कांग्रेस पर मानसिक दबाव बनाने के लिए मेगा सदस्यता अभियान चला रही है। भाजपा आयोजन कर कांग्रेस कार्यकताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा रही है।
कांग्रेस ने कहा- खुद के कार्यकर्ताओं को दिलवा रहे सदस्यता
भाजपा की इस बयानबाजी को नकारते हुए कांग्रेस ने इन आंकड़ों को फर्जी बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं, कि भाजपा खुद अपने ही कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यकर्ता बता कर पार्टी की सदस्यता दिलवा रही है। जबकि भाजपा के अनुसार जो कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो रहे हैं उनकी ग्वालियर चंबल भाजपा ने सूची तैयार की है और जरूरत पड़ने पर उसे सार्वजनिक भी कर सकती है।(UNA)