महिला सशक्तिकरण के पक्षधर शिव नरायण साह

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महिला सशक्तिकरण के एक पक्ष में अनोखा  उम्मीद जगा रही है शिव नरायण साह ।इन्हों  ने कोलकाता के बांसद्रोनी क्षेत्र  मे सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल

2010 ई. स्थापना की जहाँ  अधिकांश लडकियाँ महिला  शिक्षिका द्वारा शिक्षा गृहन कर रही  है। सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के प्राचार्य शिव नरायण साह ने कहा की महिला  शिक्षिका का नियुक्ति करने मुख्य कारण समाज महिलाओं को स्वलंमब  बनाया जा सके। मैं किसी समुदाय की प्रगति महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूँ जो विचार डॉ बी आर अम्बेडकर के थे तथा हमाारे दादा जे पी साह सोच साकार कर रहा हूँ। हमाारे स्कूल मे लगभग पचास स्टाफ है उसमें मात्र तीन पुरूष है ।प्राचार्य शिव नरायण साह को महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न संस्थथानों द्वारा अवार्ड दिया ।
 
भारत में, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाली उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है, जैसे – दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, वैश्यावृति, मानव तस्करी और ऐसे ही दूसरे विषय। अपने देश में उच्च स्तर की लैंगिक असमानता है। जहाँ महिलाएँ अपने परिवार के साथ ही बाहरी समाज के भी बुरे बर्ताव से पीड़ित है। भारत में अनपढ़ो की संख्या में महिलाएँ सबसे अव्वल है। नारी सशक्तिकरण का असली अर्थ तब समझ में आयेगा जब भारत में उन्हें अच्छी शिक्षा दी जाएगी और उन्हें इस काबिल बनाया जाएगा कि वो हर क्षेत्र में स्वतंत्र होकर फैसले कर सकें।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते है। लेकिन विडम्बना तो देखिए नारी में इतनी शक्ति होने के बावजूद भी उसके सशक्तिकरण की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो रही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का अर्थ उनके आर्थिक फैसलों, आय, संपत्ति और दूसरे वस्तुओं की उपलब्धता से है, इन सुविधाओं को पाकर ही वह अपने सामाजिक स्तर को ऊँचा कर सकती हैं।