माइक्रोटेक इंटरनेशनल ने वित्त वर्ष 2021-22 में नए वर्टिकल के साथ 26% की प्रगतिशील बढ़त हासिल की

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UNA News
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2022)
माइक्रोटेक- भारत के सबसे भरोसेमंद ब्रांडों में से एक ने अपनी शानदार सफलता के साथ आगे बढ़ना जारी रखते हुए वित्त वर्ष 2021-2022 में 26% की बढ़त दर्ज की। कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 में 1700 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया।

पिछले कुछ सालों की जबरदस्त कामयाबी के साथ-साथ अपनी उत्पाद श्रृंखलाओं के विस्तार पर भरोसा रखते हुए , माइक्रोटेक ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 50% से ज्यादा का विकास लक्ष्य निर्धारित किया है।

सुबोध गुप्ता, सीएमडी माइक्रोटेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, “मुझे ये कहते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि महामारी से प्रेरित चुनौतियों के बावजूद, हमने अपने व्यापार का विस्तार किया है और अपने सभी कर्मचारियों का ध्यान रखा है जो हमारे संगठन का आधार बने हुए हैं। हम देश में नंबर एक यूपीएस और इन्वर्टर ब्रांड हैं। जबकि हम बाजार में अपनी स्थिति को और बढ़ाने के लिए इन श्रेणियों पर निर्माण करना जारी रखेंगे, हमारा ध्यान सौर, विद्युत और स्वास्थ्य सेवा सहित हमारी नई श्रेणियों पर होगा ताकि इन श्रेणियों में भी उपभोक्ता की जरूरतों को पूरा किया जा सके”
जब कि, पिछले दो सालों में दुनिया भर में सरकारों द्वारा लगाए गए लॉकडाउन और अन्य रुकावटों जैसे कई उपायों के कारण विनिर्माण और आपूर्ति-श्रृंखला गतिविधियों में गंभीर बाधाओं के कारण दुनिया के लगभग हर उद्योग को झटका लगा है। तब भी, माइक्रोटेक ने स्वास्थ्य सेवा और सौर ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में कदम रखा है और भारत में अपने प्रभाव का विस्तार किया है और साथ ही 20+ देशों में एक निर्यातक भी है।
कंपनी ने ब्लड प्रेशर मॉनिटर, नेब्युलाइज़र, थर्मामीटर आदि उत्पादों के उत्पादन के साथ भारत के बढ़ते स्वास्थ्य सेवा बाजार में प्रवेश किया। ऑक्सीजन कांसैंट्रेटर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, इसने पिछले साल ‘मेड इन इंडिया’ ऑक्सीजन कांसैंट्रेटर का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। माइक्रोटेक ने पीएम केयर्स के तहत ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) को 7500 ऑक्सीजन कांसैंट्रेटर की आपूर्ति की है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ सहित भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहलों को और बढ़ावा मिला है।

सौरभ गुप्ता ने आगे कहा, “हम दूसरी लहर के बाद से बाजार की बढ़ती मांगों को पूरा करना चाहते थे और कोविड से पीड़ित रोगियों की सेवा करना चाहते थे। हमारा उद्देश्य एक भारतीय कंपनी द्वारा अपने देश के लिए स्वदेशी निर्माण के माध्यम से कांसैंट्रेटर की कीमत कम करना और उन्हें आसानी से पहुंचने योग्य बनाना था। बाजार से प्रतिक्रिया जबरदस्त रही है।”
विश्व स्तरीय उत्पादों की पेशकश के अपने लक्ष्य के साथ, माइक्रोटेक ने अपने विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं में भारी निवेश किया है। कंपनी के पास हिमाचल प्रदेश और विशाखापत्तनम में आधुनिक एकीकृत विनिर्माण सुविधाएं हैं, जिनमें अॉटोमैटिक लेजर डायमीटर कंट्रोल, ऑनलाइन उच्च वोल्टेज परीक्षण सुविधाएं, पूरी तरह से स्वचालित चुंबकीय परीक्षण मशीनें और दुनिया की अन्य सर्वश्रेष्ठ स्वचालित मशीनें जैसी अनेक उन्नत मशीनें हैं।

“हम सही मायने में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की पुरानी‌ कहावत में विश्वास करते हैं यानी दुनिया एक परिवार है। हम आगे बढ़ने वाले निर्यात बाजार पर ध्यान केंद्रित करेंगे क्योंकि हम वास्तव में मानते हैं कि हमारे प्रतिस्पर्धी मूल्य वाले उत्पाद वैश्विक बाजारों में भी व्यापक रूप से उपलब्ध होने चाहिए। श्री सुबोध गुप्ता, सीएमडी, माइक्रोटेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने साझा करते हुए कहा।

माइक्रोटेक ने 2019 में इलेक्ट्रिकल उत्पाद खंड में भी कदम रखा है। ये वर्तमान में उच्च गुणवत्ता वाले तारों और केबलों, सर्किट सुरक्षा उपकरणों जैसे एमसीबी, आइसोलेटर्स, आरसीसीबी, वितरण बोर्ड, ऑफ-लोड चेंजओवर स्विच और रीवायरेबल फ्यूज स्विच यूनिट बनाती है। ये सर्च ऑपरेटर और मल्टीप्लग जैसे एक्सेसरीज के अलावा विभिन्न प्रकार के वोल्टेज स्टेबलाइजर्स भी प्रदान करता है।

जैसे-जैसे दुनिया नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रही है, माइक्रोटेक सौर ऊर्जा समाधान बाजार में व्यापक संभावनाएं देखता है। आज कंपनी को भारत में सबसे तेजी से बढ़ते सौर ऊर्जा उत्पादों के ब्रांडों में से एक होने का गौरव प्राप्त है।
माइक्रोटेक ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड रूफटॉप सोलर सॉल्यूशंस की पूरी श्रृंखला पेश करता है। कंपनी हरित ऊर्जा बाजार में तेजी से तरक्की कर रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि माइक्रोटेक अपने चैनल भागीदारों के साथ मिलकर हर साल 40,000 से ज्यादा रूफटॉप साइटों को लागू कर रहा है।