‘माफ करो महाराज’ से ‘स्वागत है महाराज’ और अब मोदी राज तक, 17 दिन की उथल-पुथल के 17 महीने बाद सिंधिया को मिला इनाम

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भोपाल ; राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आखिरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में मंत्री बन गए हैं। बुधवार शाम उन्होंने राष्ट्रपति भवन में मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही सिंधिया को करीब 17 महीने पहले मध्य प्रदेश में तख्तापलट का इनाम मिल गया तो भगवा पार्टी में उनके इंटिग्रेशन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई।सिंधिया के इस सफर की शुरुआत पिछले साल फरवरी में हुई थी जब एमपी से राज्यसभा की दो सीटों के लिए प्रत्याशियों का चुनाव हो रहा था। सिंधिया को कांग्रेस पार्टी अपना दूसरा उम्मीदवार बना रही थी। सीधे शब्दों में कहें तो कांग्रेस के अलग-अलग गुट सिंधिया की राज्यसभा में एंट्री के रास्ते में रुकावटें खड़ी कर रहे थे। इससे नाराज सिंधिया ने अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। 10 मार्च को अपने पिता माधवराव सिंधिया की 75वीं पुण्यतिथि के मौके पर उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
सिंधिया के बीजेपी में आने से करीब 15 महीने पहले मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे। इसमें वे कांग्रेस की अभियान समिति के प्रमुख थे। वे मुख्यमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार तो नहीं थे, लेकिन कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व उस समय युवाओं को मौका देने की पॉलिसी पर काम कर रहा था। सिंधिया कांग्रेस के लिए पूरे राज्य में जी-जान से प्रचार कर रहे थे।
दूसरी ओर बीजेपी सिंधिया की अहमियत समझ रही थी। लगातार तीन टर्म मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान जानते थे कि उनकी सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी फैक्टर काम कर रहा है और सिंधिया इसको हवा देने में कामयाब हो रहे हैं। इसलिए शिवराज के प्रचार अभियान में सिंधिया ही निशाने पर थे। शिवराज चुनाव प्रचार के लिए जहां जाते, माफ करो महाराज का नारा जरूर दोहराते।
चुनाव के बाद कांग्रेस ने एमपी में सरकार तो बनाई, लेकिन सिंधिया मुख्यमंत्री पद से चूक गए। प्रदेश का ताज कमलनाथ के हिस्से आ गया और सिंधिया पार्टी में अलग-थलग पड़ने लगे। इधर, बीजेपी उनके असंतोष को भांप कर उन पर लगातार डोरे डाल रही थी। फरवरी, 2020 के दूसरे सप्ताह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक ट्वीट ने बीजेपी और सिंधिया के बीच पक रही खिचड़ी की ओर पहली बार इशारा किया तो प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल का दौर शुरू हो गया।