मायावती की बयानबाजी, बीजेपी के इशारे पर

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जयपुर- राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार, कांग्रेस के भीतर की अदावत के बाद अब बाहर से आए विधायकों भी मुसीबत में पड़ गई है। पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की सरकार गिराने की कथित साजिश और अब बसपा विधायकों के विलय पर बसपा सुप्रीमो मायावती के कानूनी दांव-पेंचों ने सीएम गहलोत की टेंशन बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने सरकार पर आए सियासी संकट के बीच माया की एंट्री पर कहा है, “मेरा मानना है कि मायावती जो बयानबाजी कर रही हैं, वह बीजेपी के इशारे पर कर रही हैं। बीजेपी जिस प्रकार से सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग का दुरुपयोग कर रही है, डरा रही है, धमका रही है सबको ही.. आप देखो राजस्थान में क्या हो रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “मायावती भी डर रही हैं उससे, मजबूरी में वो बयान दे रही हैं।”उन्होंने कहा, यही कारण है कि एक दिन पहले मायावती पर भड़ास निकालते हुए सीएम गहलोत ने यहां तक कह दिया कि बसपा प्रमुख मायावती बीजेपी के इशारे पर बयानबाजी कर रही हैं। गहलोत बोले, “दो तिहाई बहुमत से कोई पार्टी टूट सकती है, अलग पार्टी बन सकती है, विलय कर सकती है दूसरी पार्टी में। यहां बसपा छह के छह विधायक मिल गए हैं तो मायावती की जो शिकायत है, वह वाजिब नहीं है क्योंकि मायावती के दो विधायक अगर अलग होते तो शिकायत हो सकती थी।”(UNA)