मुंबई:- ऑक्सिजन की किल्लत को खत्म करने के लिए बीएमसी ने अब नया कदम उठाया प्रतिदिन 43 मीट्रिक टन ऑक्सिजन का उत्पादन किया जाएगा

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मुंबई
मुंबई में बढ़ते कोरोना के संकट के बाद शुरू हुई ऑक्सिजन की किल्लत को खत्म करने के लिए बीएमसी ने अब नया कदम उठाया है। जिसके मुताबिक बीएमसी अब उनके अस्पतालों में हवा से ऑक्सिजन बनाने वाले प्लांट लगाएगी। फिलहाल 12 अस्पतालों में 16 प्लांट स्थापित करने की योजना है।
टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के एक महीने के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। इन 16 प्लांट के जरिये प्रतिदिन 43 मीट्रिक टन ऑक्सिजन का उत्पादन किया जाएगा। बीएमसी से इस परियोजना के लिए तकरीबन 90 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
15 साल तक चलेगा प्लांट
एक बार ऑक्सिजन प्लांट शुरू होने के बाद इसे अगले 15 सालों तक चलाया जा सकेगा। खास बात यह है कि एक जंबो सिलेंडर में आने वाली ऑक्सिजन की कीमत की तुलना में इसकी लागत आधी होगी।
घर-घर कोरोना मरीजों की जांच
मुंबई से कोरोना को ख़त्म करने के लिए बीएमसी ने कमर कस ली है। अब महानगरपालिका के कर्मचारी घर-घर कोरोना मरीजों की जांच करेंगे। वहीं शहर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड की किल्लत को दूर करने के लिए भी बीएमसी ने रास्ता ढूंढ लिया है। अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों के घर जाकर मेडिकल टीम जांच करेगी। उसके बाद तय किया जाएगा कि मरीज को अस्पताल में एडमिट करने और बेड की आवश्यकता है या नहीं।
यह काम वॉर्ड वॉर रूम और मेडिकल टीम के समन्वय से किया जाएगा। घर- घर जाकर जांच करने के लिए हर वॉर्ड में 10- 10 की टीम बनाई गयी है। इसके लिए हर वार्ड में 10- 10 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। यह नियम रविवार से लागू होंगे। कमिश्नर आईएस चहल ने इस संबंध में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की जिसमें बेड आवंटन के लिए यह नियम लागू करने का निर्णय लिया गया। खत्म होगी बेड की किल्लत
चहल ने कहा कि इससे बेड का मरीजों को और बेहतर तरीके से आवंटन हो सकेगा। मुंबई में कोरोना मरीजों के लिए बेड का आवंटन BMC के सभी वॉर्डों में बने वॉर रूम के जरिए हो रहा है। इसमें सामान्य बेड, ऑक्सिजन बेड और वेंटिलेटर बेड शामिल है। पिछले कुछ दिनों में मरीजों को बेड मिलने में मुश्किल हुई है।