मुंबई की माहिम दरगाह में सबसे ज्यादा लोग जाते हैं

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मुंबई की माहिम दरगाह में सबसे ज्यादा लोग जाते हैं। यहां के श्रद्धालु समान रूप से होते हैं। अब यहां के प्रशासन ने शहर भर के पूजा स्थलों के साथ शांति और सद्भाव के एक गठबंधन का कार्य शुरू किया है। माहिम दरगाह ने मंदिरों, चर्चों, गुरुद्वारों और बौद्ध तीर्थस्थलों के साथ बातचीत शुरू की है ताकि नफरत और विभाजन के खिलाफ एकजुट होकर लड़ा जा सके।
इस गठबंधन को बनाने का एक प्रस्ताव न केवल एक संकट की स्थिति में सक्रिय होगा, बल्कि अंतर-धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ाने के लिए पूरे साल काम करेगा। माहिम दहगाह का यह संदेश लेकर ग्रुप कल मुंबई में सभी बड़े और छोटे पूजा स्थलों पर पहुंचेगा।
लोगों की करेंगे काउंसलिंग
पीर मकदूम साहेब चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुहैल कंडवानी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सभी धर्मों के हर बौद्धिक लोगों को एक साथ लाना है। उन्होंने कहा, ‘हम लोगों की काउंसलिंग करेंगे और उन्हें समझाएं कि मानव जीवन का क्या महत्व है। शांति और सद्धभाव से हम सभी समृद्ध हो सकते हैं और संघर्ष में हम सभी सफर करेंगे।’
80 फीसदी दरगाह और मस्जिद जुड़े
सुहैल कंडवानी ने कहा कि मुंबई और बाकी राज्य की लगभग 80 फीसदी दरगाह और मस्जिद माहिम दरगाह से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने मंदिरों, चर्चों, बौद्ध संस्थानों के मुखियाओं से पारंभिक बातचीत की है। सभी इस पहल के उत्साहित हैं।’
धार्मिक अध्ययन कोर्स का बनाया प्रस्ताव
माहिम दरगाह के सूचना तकनीकि निदेशक सबीर सैयद ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य है कि लोगों को शांति और सद्भावना से जोड़ा जा सके और लोगों के परेशानियों से दूर रखा जा सके। हम लोगों ने धार्मिक अध्ययन के लिए एक कोर्स भी प्रस्तावित किया है। हम लोगों एक यात्रा की योजना भी बना रहे हैं, जिसमें सभी धार्मिक संस्थानों में लोगों को ले जाया जाएगा। इसमें हर धर्म के लोग एक साथ आएंगे, वे एक दूसरे से जुड़ेंगे, बातें करेंगे और एक दूसरे को समझ सकेंगे।
सबने किया प्रस्ताव का स्वागत
सिद्धि विनायक मंदिर प्रभादेवी के मैनेजिंग ट्रस्टी आदेश भांडेकर ने कहा, ‘अभी तक मुझे इसका प्रस्ताव नहीं मिला है इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।’ आर्किडायसिस ऑफ बॉम्बे के प्रवक्ता फादर निगले बैरट ने कहा, ‘उन्हें इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी है। हालांकि अभी तक लिखित प्रस्ताव नहीं आया है लेकिन हम सब इसका स्वागत करते हैं क्योंकि यह पहल लोगों को जोड़ने के लिए है।'(UNA)