मुंबई, चीन के साथ जारी तनाव के बीच सागर में नौसेना के दबदबा बढ़ाने के लिए स्कॉर्पिन क्लास की पांचवीं सबमरीन वगीर का मुंबई में जलावतरण किया गया

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मुंबई, चीन के साथ जारी तनाव के बीच सागर में नौसेना के दबदबा बढ़ाने के लिए स्कॉर्पिन क्लास की पांचवीं सबमरीन वगीर का मुंबई में जलावतरण किया गया। आगामी एक वर्ष तक गहरे सागर में वगीर का परीक्षण किया जाएगा। 2021 के अंत तक वगीर को नौसेना के बेड़े में शामिल कर दिया जाएगा। मेक इन इंडिया के मुहिम के तहत सबमरीन का निर्माण मुंबई के मझगांव डॉक में किया गया है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद वाई नाईक और उनकी पत्नी विजया नाईक ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वगीर का जलावतरण किया।
नौसेना में प्रॉजेक्ट 75 के तहत मझगांव डॉक में स्कॉर्पिन क्लास की छह सबमरीन का निर्माण किया गया है। इस सीरीज की दो सबमरीन आईएनएस कलवरी और आईएनएस खडेरी पहले ही नौसेना के बेड़े में शामिल हो चुकी हैं, जबकि करंज और वेला सबमरीन का ट्रायल चल रहा है। वर्ष 2022 तक सभी छह सबमरीन को नौसेना में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस
सागरीय सीमा की चौकसी से निगरानी के लिए वगीर को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। दुश्मन देश के शिप के खत्मे के लिए इसमें टॉरपीडो और ऐंटिशिप मिसाइल से लैस किया जाएगा, जो पानी से पानी और पानी से किसी भी युद्धपोत को विध्वंश करनी की क्षमता रखते हैं। टॉरपीडो और ऐंटिशिप मिसाइल पानी के भीतर छिप कर 40 से 90 किलोमीटर की दुरी से दुश्मन जहाजों का पलक छपकते खात्मा करने का दम रखते हैं। वगीर सागर के भीतर 45 से 52 दिन तक रह सकती है।(UNA)