मुंबई महाराष्ट्र में अब भी एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने के लिए आम लोगों को पहले ई-पास लेना होगा। ई-पास को खत्म करने के केंद्र के दिशा-निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए ई-पास जारी रखने का फैसला किया है।

0
126
मुंबई
महाराष्ट्र में अब भी एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने के लिए आम लोगों को पहले ई-पास लेना होगा। ई-पास को खत्म करने के केंद्र के दिशा-निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए ई-पास जारी रखने का फैसला किया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी फैसला लिए जाने तक राज्य में जो व्यवस्था लागू है, वही जारी रहेगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि 31 अगस्त को लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद 1 सितंबर से राज्य में ईपास की अनिवार्यता को खत्म किया जा सकता है।

बता दें कि रविवार को केंद्र सरकार ने जारी अपने नए दिशा-निर्देशों में एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा करने और राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने के लिए ई-पास की जरूरत को खत्म करने को कहा है। गौरतलब है कि देशभर में कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य और एक जिले से दूसरे जिले में आने जाने के लिए ई-पास का सिस्टम लागू किया था, ताकि बहुत ही जरूरत के वक्त लोग यात्रा कर सकें। केंद्र सरकार द्वारा ई-पास की शर्त खत्म करने के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि महाराष्ट्र में भी अब पास की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी, क्योंकि राज्य सरकार राज्य परिवहन निगम की बसों में एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने के लिए ई-पास की शर्त पहले ही खत्म कर चुकी है और यह शर्त अब सिर्फ प्राइवेट वाहनों के लिए ही लागू है।
महाराष्ट्र में भी निजी वाहनों से यात्रा करने के लिए ही पास की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की जा रही है। इस मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को कहा था कि वह मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद इस बारे में कोई फैसला ले पाएंगे। सोमवार को गृहमंत्री ने एक ट्वीट कर यह जानकारी दी कि मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया गया है कि राज्य मिशन बेगिन अगेन के तहत जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, वह जारी रहेंगे।