मुंबई, महाराष्ट्र में आरक्षण की लड़ाई (Fight for reservation ) अब और भी ज्यादा मुश्किल होती जा रही है

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मुंबई, महाराष्ट्र में आरक्षण की लड़ाई (Fight for reservation ) अब और भी ज्यादा मुश्किल होती जा रही है। एक तरफ जहां सरकार के सामने मराठा समाज को आरक्षण देने की चुनौती है। तो वहीं दूसरी तरफ ओबीसी समाज ठाकरे सरकार को चेतावनी दे रहा है। ओबीसी समाज का कहना है कि अगर उनके कोटे से मराठा समाज (Maratha reservation issue) को आरक्षण दिया गया तो इसका सड़क पर उतर कर कड़ा विरोध किया जाएगा। वहीं मराठा आरक्षण का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में विचाराधीन होने की वजह से मराठा समाज का दबाव सरकार पर लगातार बढ़ता जा रहा है।
पत्र लिखकर दी गई चेतावनी
मुंबई में ओबीसी समाज द्वारा एक पत्रकार परिषद को संबोधित कर यह बताया गया कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर सभी बातों से अवगत कराया है। ओबीसी समाज के कोटे से मराठा समाज को आरक्षण देने की मांग करने वाले विधायक संजय शिंदे की भी जमकर आलोचना की गई है। इसी मांग की बिनाह पर ओबीसी समाज में ठाकरे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके समाज के कोटे से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क पर होगा विरोध प्रदर्शन
ओबीसी समाज ने ठाकरे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है की अगर उनकी बात को सरकार अनसुना करती है तो उन्हें कड़े विरोध प्रदर्शन के लिए भी तैयार रहना होगा। महाराष्ट्र सरकार से जातिगत जनगणना करवाने की भी मांग गोलेमज परिषद के अध्यक्ष प्रकाश शेंडगे ने की है।
ओबीसी समाज की मुख्य मांगे
1) मराठा समाज का ओबीसीकरण ना किया जाए। किसी भी कीमत पर मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
2) सन् 1931 की जनगणना के अनुसार ओबीसी समाज देश में 52% हैं। इसलिए उन्हें 52% आरक्षण मिलना चाहिए।
3) किसी भी दबाव में ना आते हुए एमपीएससी की परीक्षा को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
4) सरकारी नौकरियों में जल्द से जल्द ओबीसी समाज की बची हुई जगहों को भरा जाए।
5) ओबीसी समाज के महाज्योति संगठन को 1000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की उपलब्ध करवाई जाए।
6) ओबीसी समाज को सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में भी आरक्षण दिया जाए।(UNA)