मुंबई मुंबई यूनिवर्सिटी (Mumbai University) में शिवसेना और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह(Maharashtra Governor Bhagat Singh) कोश्यारी के बीच में लड़ाई और तेज होती जा रही है

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मुंबई
मुंबई यूनिवर्सिटी (Mumbai University) में शिवसेना और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह(Maharashtra Governor Bhagat Singh) कोश्यारी के बीच में लड़ाई और तेज होती जा रही है। आपको बता दें कि राज्यपाल द्वारा मुंबई विश्विद्यालय में आईआईएफसीएल (IIFCL) नाम की कंपनी को विकास कामों के लिए सलाहकार नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। जिसका विरोध शिवसेना की यूथ विंग युवासेना के सीनेट सदस्यों द्वारा किया गया था। अब इस प्रस्ताव को फिर व्यवस्थापन परिषद के सामने लाया गया है। राज्यपाल ने की थी सिफारिश
आईआईएफसीएल कंपनी को काम देने के लिए राज्यपाल ने मुंबई यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को सिफारिश पत्र दिया था। जिसे कुलगुरु ने 11 जनवरी को व्यवस्थापन परिषद के सामने प्रस्तुत किया था। अचानक आए राज्यपाल के इस प्रस्ताव पर युवासेना के सीनेट सदस्यों और व्यवस्थापन मंडल ने इस पर विरोध जताया था। इस बाबत आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में बवाल होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। युवासेना की चेतावनी
युवासेना ने चेतावनी दी है कि यदि है प्रस्ताव दोबारा मंजूरी के लिए पेश किया गया तो इसका जबरदस्त विरोध किया जाएगा। युवासेना के सीनेट सदस्यों का कहना है कि जब मुंबई यूनिवर्सिटी सक्षम है तो बाहर की कंपनी को काम क्यों दिया जाए? ऐसे में सोमवार को होने वाली बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

सरकार और राजपाल में ठनी
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बीच में पहले से ही कई मुद्दों पर तीव्र वाद-विवाद हो चुका है। फिलहाल राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 12 संभावित विधायकों के नामों पर राज्यपाल ने अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इस बात को कई महीने गुजर चुके हैं। ऐसे में खुद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है कि राज्यपाल से मिलकर पूछना पड़ेगा कि आखिर उन्हें हस्ताक्षर करने में क्या दिक्कत है?