मुंबई मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई विडियो कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि कुछ ही महीनों में कोरोना वायरस की वैक्सीन आने की उम्मीद है,

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मुंबई
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई विडियो कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि कुछ ही महीनों में कोरोना वायरस की वैक्सीन आने की उम्मीद है, इसलिए राज्य सरकार ने वैक्सीन के वितरण की रूपरेखा अभी से तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई है। टास्क फोर्स यह सुझाव देगी कि पहले वैक्सीन किन लोगों को दी जाए और उसकी कीमत कितनी हो। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

टास्क फोर्स में मुख्य सचिव के अलावा वित्त, नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, स्वास्थ्य सेवा विभाग के आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक, डॉ. शशांक जोशी और जे.जे. तथा केईएम अस्पतालों प्रतिबंधात्मक और सामाजिक औषधि विभाग के प्रमुख शामिल हैं।
मुख्यमंत्री उद्धव ने प्रधानमंत्री से कहा, ‘राज्य सरकार कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सावधान है। सरकार जिम्मेदारी से काम कर रही है, लेकिन कुछ विपक्षी पार्टियां सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रही हैं। विपक्ष का यह रवैया सरकार की अब तक की सारी मेहनत पर पानी फेर सकता है।’ उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री या गृहमंत्री सभी विपक्षी पार्टियों की एक बैठक बुलाकर इस बारे में उचित निर्देश दें।

टास्क फोर्स का काम
– कोरोना वैक्सीन के भंडारण और वितरण के लिए लगने वाली वातानुकूलित चेन की स्थापना
वैक्सिनेशन के आखिरी चरण तक सभी आवश्यक जरूरतों की आपूर्ति
यह तय करना कि वैक्सीन की कीमत कितनी होगी और पहले किसे दी जाएगा
‘बीएमसी ने शुरू की तैयारी’
कोरोना की वैक्सीन आने के बाद उसे लोगों तक पहुंचाने के लिए बीएमसी ने योजना बनानी शुरू कर दी है। बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल ने कहा, ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुजुर्गों तक पहले वैक्सीन पहुंचाने का सिस्टम बनाया जा रहा है। इसका ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है कि मुंबई में वैक्सीन का डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर कहां होगा और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था क्या होगी।’

उन्होंने कहा, ‘जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक मास्क ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। फिर भी बड़ी संख्या में लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। यह लापरवाही लोगों को भारी पड़ेगी।’ कमिश्नर के अनुसार, ‘जिस तरह गणेशोत्सव के बाद मुंबई में मरीजों की संख्या बढ़ी थी, दिवाली के बाद वैसी स्थिति नहीं है। दिवाली के 10 दिन बीत जाने पर भी कोरोना मरीजों की संख्या में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि एक महीने के भीतर एेक्टिव मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। इंफेक्शन रेट काफी गिर गया है, डेथ रेट में काफी सुधार हुआ है और डबलिंग रेट दो गुना हो गया है। ये अच्छे संकेत हैं।’