मुंबई लोकल ट्रेनों को मुंबई शहर की लाइफ लाइन माना जाता है। लेकिन अब यह लोकल ट्रेन शोहदों के लिए शरारत और मनोरंजन का जरिया बनती जा रही है।

0
22

मुंबई
लोकल ट्रेनों को मुंबई शहर की लाइफ लाइन माना जाता है। लेकिन अब यह लोकल ट्रेन शोहदों के लिए शरारत और मनोरंजन का जरिया बनती जा रही है। ठाणे से पनवेल के लिए चलने वाली स्लो लोकल की सीटों पर कुछ अराजक तत्वों ने ‘लड़की मिलेगी’ लिखकर जीआरपी और आरपीएफ की नींद उड़ा दी है। दोनों ही एजेंसियां इसे लिखने वाले लोगों की तलाश में जुटी हैं।
आखिरी लोकल में लिखा
पनवेल से ठाणे के लिए निकलने वाली आखरी लोकल के फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट की सीटों पर यह लाइनें लिखी थीं। यह ट्रेन पनवेल से रात 12:19 पर आने के लिए निकलती है जो ठाणे में रात 1:12 पर पहुंचती है। फर्स्ट क्लास में यात्रा करने के लिए मुसाफिर 3 से 4 गुना ज्यादा पैसा ज्यादा पैसे चुकाते हैं। बावजूद इसके उन्हें कोई खास सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इस बात की शिकायत रेलवे से करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने दोषियों को पकड़कर उन पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। साथ ही रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यात्रियों इस तरह की घटनाओं की जानकारी देते रहें। ताकि पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा सके।

ऐसी हरकत पर रेलवे कर सकती है कार्रवाई
रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना पर दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही उसे जेल भी भेजा जा सकता है। रेलवे यात्रियों से सभ्य बर्ताव की उम्मीद करते हैं। बीते कई सालों में यात्रियों ने यह शिकायत की है कि रेलवे कोच में सीटें फटी हुई हैं या फिर गंदगी का साम्राज्य है। इसके अलावा अवैध यात्रियों की भी शिकायतें फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट से आती रही हैं। ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए रेलवे प्रशासन उन पर समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है।