मुंबई वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में तरफ जहां कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार ने दिल खोलकर प्रावधान किए हैं

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The Minister of State for Commerce & Industry (Independent Charge), Smt. Nirmala Sitharaman addressing a press conference, in New Delhi on October 14, 2016.

मुंबई
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में तरफ जहां कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार ने दिल खोलकर प्रावधान किए हैं तो वहीं दूसरी तरफ जूलरी मार्केट यानी सराफा व्यापारियों को इस बजट में कुछ खास नहीं मिला है। देश के सबसे बड़े जूलरी मार्केट जवेरी बाजार के व्यापारियों ने इसे निराशा जनक बजट बताया है। बजट में सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले नौकरी पेशा लोगों को भी चूरन के अलावा कुछ नहीं मिला है।

कुछ नहीं मिला बजट में
मुंबई बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार जैन के मुताबिक इस बार के बजट में सराफा व्यापारियों को कुछ भी नहीं दिया गया है। बजट में पूरा ध्यान कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया है। बीते 9 महीनों से जेम एंड जूलरी का मार्केट पूरी तरह से सुस्त है। ऐसे में अगर कोई प्रावधान बजट में इस क्षेत्र के लिए भी किया गया होता तो यह एक संजीवनी की तरह मार्केट को जगाने का काम करता है। सरकार को यह प्रस्ताव दिया था कि इंपोर्ट ड्यूटी में कुछ कमी की जाए। पैन कार्ड की लिमिट को बढ़ाया जाए, जीएसटी में कमी की जाए। सिर्फ स्पॉट एक्सचेंज ही सरकार ने सेबी के हवाले किया है। हमारे लिए यह बजट पूरी तरह से निराशाजनक रहा है।
जूलरी मार्केट पर ध्यान दे सरकार
कुमार जैन ने कहा कि सरकार को सराफा बाजार पर ध्यान देने की जरूरत है। वित्त मंत्री फाइनल बजट में जरूर जूलरी इंडस्ट्री के लिए कुछ प्रावधान करें ताकि व्यापारियों को कुछ राहत मिल सके। जूलरी को शादी ब्याह और फंक्शंस में खरीदा जाता है लेकिन यह सेंटीमेंट वैल्यू से भी जुड़ा हुआ होता है। महिलाएं इसे हमेशा इसे एक सुख-दुख की घड़ी में साथ होने वाली चीज के तौर पर भी देखती हैं। लोग पैसे जोड़ जोड़ कर सोने के गहने खरीदते हैं। ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र पर थोड़ा रहम तो दिखाना ही चाहिए।

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