मुंबई समेत महाराष्ट्र की 3 बड़ी दुर्घटनाओं में तकरीबन 49 लोगों की जान चली गयी देश में मौतों की संख्या देख अब इंसानों का क्या होगा

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मुंबई
ऐसा लगता है कि मौजूदा समय में इंसान की जान कब,कहां, कैसे और किस वजह से चली जाएगी, कुछ नहीं कहा जा सकता। एक तरफ जहां कोरोना के मामले और मौतें बढ़ रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ अलग-अलग दुर्घटनाओं की वजह से भी लोगों को अस्पताल में अपनी जान गंवानी पड़ रही है। ऐसे में मौत इतनी सस्ती हो गई है क्या यह सवाल भी मन में उठने लगा है? बीते एक महीनें की बात करें तो मुंबई समेत महाराष्ट्र की 3 बड़ी दुर्घटनाओं में तकरीबन 49 लोगों की जान चली गयी है। इन दुर्घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया था। लेकिन इन सब का जवाबदार कौन है? यह सवाल भी जनता के मन मे हैं। आज ऐसे ही कुछ बड़े हादसों का जिक्र करेंगे। बीते एक महीने में हुई दुर्घटनाएं
पहली) मुंबई से सटे विरार के विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में 23 अप्रैल के दिन आईसीयू में लगी भीषण आग के चलते 14 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। जबकि कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सेंट्रल सेंट्रलाइज एसी में विस्फोट होने की वजह से यह हादसा होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है।
विरार वेस्ट इलाके के विजय वल्लभ कोविड केयर अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार की आधी रात में तकरीबन डेढ़ बजे से शुक्रवार सुबह 5:30 बजे के बीच बड़ी आग थी। इस दौरान अस्पताल में तकरीबन 90 मरीजों का इलाज चल रहा था। आईसीयू वार्ड में भी तकरीबन 17 मरीज का इलाज शुरु था। जिसमें से 13 मरीजों की आग में जलकर मौत हो गई। जिस समय आग लगी तब मेडिकल स्टॉफ के ना होने का भी आरोप मरीजों के परिजनों ने लगाया है।
दूसरी) नासिक में ऑक्सीजन टैंक लीकेज की वजह से अब तक 25 मरीजों की मौत हो चुकी है। यह दुर्घटना नासिक के डॉक्टर जाकिर हुसैन अस्पताल में 21 अप्रैल की सुबह घटी। जब ऑक्सीजन टैंक में टैंकर के जरिए ऑक्सीजन भरने का काम शुरु था। तभी अचानक लीकेज शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरे परिसर में धुआं ही धुआं भर गया। ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पताल के अंदर बाधित हो चुकी थी। जिसकी वजह से वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए मरीजों की बिस्तर पर ही मौत हो गई। घटना के दिन तकरीबन 22 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। जो अब बढ़कर 25 तक पहुंच चुकी है।
तीसरी) भांडुप के अस्पताल की आग में भी दस मरीजों की मौत हुई थी। भांडुप पश्चिम में मौजूद ड्रीम्स मॉल की ऊपरी मंजिल में बनाए गए सनराइज अस्पताल में लगी आग में 10 मरीजों की दम घुटने की वजह से मौत हुई थी। यह हादसा पिछले महीने 26 मार्च को रात तकरीबन 12 बजे हुआ था। उस दौरान अस्पताल में 76 मरीजों का इलाज किया जा रहा था। कई मरीज इस दुर्घटना में जख्मी भी हुए थे। इस आग से 61 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। आग को बुझाने में दमकल विभाग को 11 घंटो तक मशक्कत करनी पड़ी थी।

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