*मुख्तार अंसारी के नजदीकी सहयोगी मछली माफिया रविन्द्र कुमार निषाद के विरुद्ध FIR पंजीकृत*

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दिनांक – 04/07/2020कब्जे में 12 लाख कीमत की 25 किलो प्रतिबंधित मछली मांगूर व 80 कुन्टल रोहू व प्यासी मछली एवं एक ट्रक सीज।जौनपुर – पुलिस व जिला प्रशासन (खाद्य सुरक्षा विभाग व मत्स्य विभाग) द्वारा जनपद में मछली के विधि-विरुद्ध तरीके से किए जा रहे व्यापार पर कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 0298/2020 धारा 188/269/270 /386/506/273 भादवि व खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम धारा 31/63 व पर्यावरण संरक्षण अधिनियम धारा 5/8 व महामारी अधि0 1897 धारा 3 के अंर्तगत 02 अभियुक्तों के विरुद्ध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त –1. माफिया रविन्द्र कुमार निषाद पुत्र स्व0 रति लाल निषाद निवासी जोगियापुर थाना कोतवाली जनपद जौनपुर ।2. बी0 नारायण राव पुत्र बी0लक्ष्मी नायडू निवासी विगना कालेज के पीछे कैकलुरु थाना कैकलुरु जिला कृष्णा आन्ध्रप्रदेश पकड़े गए सामान की बरामदगी —(1). 12. टायरा ट्रक AP 39 TB 33172. मछली की प्रजाति -25 किग्रा प्रतिवंधित मछली मांगुर व 80 कुंतल रोहू व पियासी मछली कीमती करीब 12 लाख।उल्लेखनीय है कि रविन्द्र कुमार निषाद उर्फ पप्पू के द्वारा मछली के व्यवसाय को विधि विरुद्ध तरीके से संचालित कर आस पास के कई जिलों व सीमावर्ती प्रदेश बिहार में सप्लाई किया जाता रहा है। पुलिस को गोपनीय जानकारी होने के बाद सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर यह कार्यवाही की गई है।यह भी महत्वपूर्ण है कि रविन्द्र कुमार निषाद उर्फ पप्पू का जुड़ाव मुख्तार अंसारी गिरोह से रहा है एवं इस व्यवसाय से अर्जित धन को इस गैंग के गुर्गों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में इस्तेमाल करने की बात भी प्रकाश में आई है।खाद्य सामाग्री की बिक्री हेतु यदि 12 लाख सालाना से कम का व्यपार होता है तो रजिस्ट्रेशन होता है। यदि 12 लाख से अधिक का व्यपार होता है तो लाइसेन्स बनता है परन्तु अभियुक्तों के पास न तो रजिस्ट्रेशन है और नाही लाइसेन्स है,यह खाद्य विभाग द्वारा जारी होता है,इन माफियाओं द्वारा अपराध से अर्जित सम्पत्ति से पक्के मकान का निर्माण कराया गया है, तथा एक माल का निर्माण कराया जा रहा है जिसके सम्बन्ध में अलग से जाँच की जी रही है।