वर्षों से यूं ही चले जा रहा है साप्ताहिक मुलताई बाजार हर बार बारिश आती है और यहां कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है अभी पहली बारिश हुई है और हाल बेहाल हो चुके हैं इसी कीचड़ में मुलताई की आम जनता और दुकानदार दुकान लगाते और प्रशासन कोई कभी दिखाई नहीं दिया