युक्रेन से लौटे विद्यार्थियों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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ज्ञापन सौंपने पहुंचे मेडिकल के विद्यार्थी।

मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलवाकर कोर्स पूरा करवाने की मांग
सिरसा 21 मार्च ।(सतीश बंसल)

यूक्रेन में युद्ध के चलते मेडिकल की पढाई बीच में छोड़कर वापस वतन लौटे विद्यार्थियों ने सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात की। विद्यार्थियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौैंपा और अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलवाकर उनका कोर्स पूरा करवाने की मांग की। रूस-यूक्रेन युद्ध की मार छात्रों पर पड़ रही है। हालांकि यूके्रन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र कोर्स बीच में छोड़कर वापिस लौट चुके हैं। लेकिन अब उन्हें कोर्स पूरा होने की चिंता सता रही है। किसी छात्र का एक माह का कोर्स बाकी था तो किसी का एक साल का। किसी ने कोर्स शुरू ही किया था। युद्ध की विभिषिका के बीच सभी को जान बचाकर वापिस लौटना पड़ा। अब उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। छात्रों को कोर्स पूरा करने के लिए अब कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा। इसी के चलते वे अब कभी सांसद सुनीता दुग्गल से मुलाकात करते हैं तो कभी जजपा नेता अजय सिंह चौटाला से। सोमवार को सरसा जिला छात्रों ने एकत्रित होकर उपायुक्त डॉ. अजय ंिसंह तोमर से मुलाकात की। उन्हें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौैंपा और अलग-अलग मेडिकल कालेजों में दाखिला दिलवाकर उनका कोर्स पूरा करवाने की मांग की है। उपायुक्त ने सरकार से ओर से आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही इस विषय पर पॉलिसी बनाकर जाएगी और युक्रेन के लौटे छात्रों के वैल्फेयर में कार्य किया जाएगा।

छात्रा प्रगति व मानसी ने बताया कि देशभर के कई राज्यों की सरकार छात्रों के साथ बैठक कर उनकी समस्या का समाधान करवा रही हैं। हरियाणा-पंजाब में ऐसा नहीं हो रहा। उनकी मांग है कि यूक्रेन से लौटे छात्रों के साथ हरियाणा बैठक करे और समस्याओं का समाधान करवाए। उनकी पढ़ाई बाधित हो रही हैं। युद्ध के चलते वे ऐसे मोड़ पर पहुंच चुके हैं कि आगे कुछ दिखाई नहीं देता। सरकार उनकी मदद करे और उनकी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करवाए। कल भी सासंद सुनीता दुग्गल और जजपा नेता से मिले थे। उन्होंने भी आश्वासन दिया था। आज उपायुक्त ने भी सरकार की ओर से उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उपायुक्त डॉ. अजय सिंह तोमर ने कहा कि यूके्रन के लौटे विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला हैं। मुख्यमंत्री संबंधित ज्ञापन उन्हें दिया गया है। छात्रों का कहना है कि यूक्रेन में कोर्स बीच में छोड़कर लौटे हैं ऐसे में अब देश के कॉलेज में उनका कोर्स पूरा करवाया जाएगा। उनसे ली जाने वाली फीस में रियायत दी जाए। ताकि उनका भविष्य अंधकारमय न हो।

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