रांची: केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने जेबीवीएनएल पर डीवीसी का बकाया वसूलने के लिए झारखंड सरकार के आरबीआई खाते से 714 करोड़ रुपये काट लिए है

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रांची: केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने जेबीवीएनएल पर डीवीसी का बकाया वसूलने के लिए झारखंड सरकार के आरबीआई खाते से 714 करोड़ रुपये काट लिए है. ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव एन सहाय ने ऊर्जा मंत्रालय और आरबीआई को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी. प्रधान सचिव ने आरबीआई गर्वनर को डीओ लेटर जारी कर झारखंड सरकार के खाते से 714 करोड़ काट कर केंद्र सरकार के खाते में जमा करने को कहा है.

राज्य में डीवीसी बिजली की आपूर्ति जेबीवीएनएल( झारखंड बिजली वितरण निगम ) को करता है. यह बिजली आपूर्ति 2015 और 2017 में दोनों के बीच हुए बिजली खरीद समझौते के तहत की जाती है. लेकिन डीवीसी ने आरोप लगाया है कि जेबीवीएनएल नियमित रुप से बिजली का भुगतान नहीं कर रहा. 30 नवंबर 2020 तक जेबीवीएनएल पर डीवीसी का 4949.56 करोड़ रुपये बकाया था.
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झारखंड सरकार ने 3558.68 करोड़ रुपये का भुगतान करने की सहमति हुई. अक्तूबर 2020 में बकाया किस्त 1417.50 करोड़ रुपये काटा गया. शेष 2114.18 करोड़ रुपये बकाया को 714 करोड़ की तीन किस्तों में वसूला जाएगा.
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राज्य सरकार और ऊर्जा कंपनी के बीच समझौता

27 अप्रैल 2017 को ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार, झारखंड सरकार और आरबीआई के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ. यह समझौता बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों को पेंमेंट गैरंटी के लिए किया गया. समझौते के तहत बिल की तारीख से 60 दिन बाद या रिसिप्ट देने के 45 दिन में भुगतान तक भुगतान जरुर होना चाहिए. ऐसा नहीं करने पर केंद्र सरकार, ऊर्जा मंत्रालय वसूली के लिए राज्य सरकार के आरबीआई खाते से पैसे काटने के लिए आरबीआई को डीओ लेटर जारी कर सकेगा.