रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेते ही तमिलनाडु से 24 लड़कियों को आज बुधवार को एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया. वे काम के सिलसिले में तमिलनाडु गयी थीं,

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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेते ही तमिलनाडु से 24 लड़कियों को आज बुधवार को एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया. वे काम के सिलसिले में तमिलनाडु गयी थीं, लेकिन वहां उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था. इसकी जानकारी मिलने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने श्रम विभाग के अधिकारियों को इनकी सकुशल वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. 1971 के युद्ध में दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए झारखंड के चामू उरांव आज भी हैं गुमनाम, पढ़िए क्या है छोटे भाई की पीड़ा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रम विभाग के अधिकारियों को इन लड़कियों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. काफी प्रयास के बाद इन लड़कियों को मंगलवार शाम कोयंबटूर से बस से चेन्नई एयरपोर्ट लाया गया. वहां से देर शाम ये दिल्ली के लिए उड़ान भरीं. ये दिल्ली से उड़ान भरकर आज बुधवार सुबह रांची पहुंचीं. आपको बता दें कि ये बच्चियां सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जिले की हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद श्रम विभाग ने फिया फाउंडेशन द्वारा संचालित प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम की टीम को इनकी सकुशल वापसी के काम में लगाया. राज्य प्रवासी कंट्रोल रूम को इन्होंने अपनी आपबीती सुनायीं. इन्होंने बताया कि अच्छे पैसे का लालच देकर उन्हें तमिलनाडु ले जाया गया था, लेकिन वहां उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था. झारखंड की 24 लड़कियां काम और अच्छे पैसे की तलाश में तमिलनाडु के कोयंबटूर गयी थीं, लेकिन वहां उन्हें धोखा मिला. सरायकेला-खरसावां एवं पश्चिम सिंहभूम के सुदूर ग्रामीण इलाकों की ये लड़कियां लौटना चाहती थीं, लेकिन पैसों के अभाव में घर नहीं आ पा रही थीं. राज्य प्रवासी कंट्रोल रूम को इन्होंने अपनी पीड़ा सुनायी थी. इसके बाद सरकार इनकी वापसी में जुट गयी.