रांची: झारखंड से दूसरे राज्यों के लिए बस और ट्रेन सेवा की अनुमति पर निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लिया जायेगा

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रांची: झारखंड से दूसरे राज्यों के लिए बस और ट्रेन सेवा की अनुमति पर निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लिया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान इसके संकेत दिये हैं. उन्होंने कहा कि अनलॉक की दृष्टि से छूट देने में राज्य सरकार बहुत पीछे है.
जरूरत का आकलन करने के बाद ही सेवाओं में धीरे-धीरे छूट दी जा रही है. यही वजह है कि हम राज्य में कोरोना संक्रमण को लेकर काफी शांत माहौल बना पाये हैं.
राज्य में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात का लगातार आकलन किया जा रहा है. फिलहाल राज्य के अंदर ही बसों का संचालन किया जा रहा है. दूसरे राज्यों के लिए बस, ट्रेन और हवाई सेवाओं के लिए अनुमति संबंधित निर्णय बहुत सोच-विचार कर ही लिया जायेगा.
नेतरहाट स्कूल की खोयी प्रतिष्ठा वापस लाना है
देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों में कभी नेतरहाट स्कूल का नाम आता था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विद्यालय की खोयी प्रतिष्ठा को पुन: वापस लाने की बात कही है. उन्होंने नेतरहाट स्कूल के प्राचार्य द्वारा लिखे पत्र को सोशल मीडिया में साझा करते हुए कहा है कि संघर्ष यात्रा के क्रम में मुझे झारखंड के गौरव नेतरहाट स्कूल जाने का अवसर मिला था.
तब मैं वहां की समस्याओं से अवगत हुआ था. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मेरे मन में वहां की समस्याओं को लेकर चिंताएं थीं. स्कूल की खोयी हुई प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करना मेरी प्राथमिकता है. नेतरहाट स्कूल के प्राचार्य ने 25 सितंबर को नेतरहाट स्कूल की कुछ समस्याओं के निराकरण के लिए सीएम को पत्र भेजा था.
पत्र में लिखा था कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय एक स्वायत्तशासी निकाय है, जिसके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन नेतरहाट विद्यालय समिति के माध्यम से किया जाता है. वर्तमान में समिति विघटित है, जिसके पुनर्गठन का प्रस्ताव विद्यालय स्तर से प्रेषित किया गया है.
वहीं, नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षकों को स्थापना काल से ही 20 प्रतिशत विशेष वेतन भुगतान किये जाने का आदेश सरकार के स्तर से निर्गत है. लेकिन सप्तम वेतनमान के तहत संशोधित आदेश अब तक वित्त विभाग के स्तर से निर्गत नहीं किया गया है.(UNA)