रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिता जताई है। मंगलवार को अदालत ने साइबर अपराधियों की जमानत पर सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर अपराध रोकने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए।

0
152

रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिता जताई है। मंगलवार को अदालत ने साइबर अपराधियों की जमानत पर सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर अपराध रोकने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। राज्य में साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अगर सरकार आवश्यक कदम नहीं उठाती है, तो कोर्ट साइबर अपराध के मामले में कठोर आदेश पारित कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। कोर्ट ने साइबर अपराध के दर्जनों अभियुक्तों की जमानत याचिका पर सुनवाई की और इन सभी मामलों में केस डायरी अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया। बता दें कि मोइन अंसारी की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई, जो देवघर में बैंकों के खातों से पैसे उड़ा चुका है। बैंक मैनेजर की ओर से केस किए जाने के बाद मोबाइल नेटवर्क के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। उसके बाद उसकी ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है।
इंडो डेनिस टूल रूम के डीजीएम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
सीबीआइ की विशेष अदालत में मंगलवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में जमशेदपुर के इंडो डेनिस टूल रूम के डीजीएम आशुतोष कुमार, उनकी पत्नी चयनिका और भतीजा केशव वत्स की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इन्कार करते हुए सभी अभियुक्तों की याचिका खारिज कर दी। दरअसल, इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद सीबीआइ कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ समन जारी किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए इनकी ओर से सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी।

बता दें कि सीबीआइ ने इस मामले में 30 सितंबर 2016 को कांड संख्या आरसी 17ए/2016 दर्ज की थी। आरोप पत्र में डीजीएम आशुतोष कुमार पर पद का दुरुपयोग करते हुए एक अप्रैल 2007 से सात अक्तूबर 2016 के बीच एक करोड़ 96 लाख रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। सीबीआइ ने डीजीएम, उसकी पत्नी व भतीजे के बैंक खाता एवं अन्य संपत्ति की जांच की थी।