रांची: दिवाली आते ही रांची में एक बार फिर मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं. मिठाईयों की मांग पूरी करने के लिए खोआ, पनीर और दूध से बने पदार्थों में मिलावट कर अभी से मिठाइयां बाजार में पहुंच रही हैं.

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रांची: दिवाली आते ही रांची में एक बार फिर मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं. मिठाईयों की मांग पूरी करने के लिए खोआ, पनीर और दूध से बने पदार्थों में मिलावट कर अभी से मिठाइयां बाजार में पहुंच रही हैं. वहीं, मिलावटखोरी की शिकायत मिलने के बाद रांची जिला प्रशासन ने इस पर रोक लगाने की पूरी तैयारी कर ली है.

रांची जिला प्रशासन ने मिलावटखोरी की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया है. सभी टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापामारी कर नमूनों की जांच करेंगी. हर जांच टीम में एक दंडाधिकारी मौजूद रहेंगे. वहीं, फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर इसका नेतृत्व करेंगे. जांच के दौरान खाद्य पदार्थों और मिठाइयों में खतरनाक रसायनिक तत्व पाए जाने पर दुकानों को सील कर दिया जाएगा और दुकान संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मुकदमा चलाया जाएगा.

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बता दें कि पिछले साल तक दिवाली के एक- दो दिन पहले ही दुकानों से नमूने लिए जाते थे. रांची के नामकुम स्थित खाद्या पदार्थों की जांच के लिए बने लैब में कर्मचारी नहीं होने से नमूनों को जांच के लिए कोलकाता या दूसरे शहर भेजा जाता था. वहीं अब लैब में तकनीशियन और विशेषज्ञ नियुक्त कर दिए गए हैं. साथ ही सरकार ने मोबाइल लैब भी उपलब्ध कराया है. अब मोबाइल लैब के साथ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच कर नमूनों की तत्काल जांच कर सकेगी.